निकॉन भारतीय बाजार में कैमरे और उससे जुड़े उत्पादों के मामले में अपनी खास पहचान बना चुका है। बहुत कम समय में ही कंपनी के उत्पाद देश के मेट्रो शहरों के अलाव छोटे शहरों तक भी पहुंच चुके हैं। निकॉन इंडिया के एमडी सज्जन कुमार ने अमर उजाला डॉट कॉम के साथ खास बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि स्मार्टफोन के बढ़ते प्रयोग से कैमरों के खरीदार भी बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि आखिरकार निकॉन ने भारत में कैसे खुद को स्थापित किया? उन्होंने भारत में निकॉन इंडिया के सफलता की कहानी हमारे साथ साझा की।
निकॉन एमडी सज्जन कुमार ने कहा कि निकॉन 100 साल से ज्यदा पुरानी कंपनी है। 1917 में जापान के टोक्यों में निपॉन कोवाकू नाम से इसकी स्थापना की गई थी। कंपनी का पहला कैमरा निकॉन आई 1948 में आया था। हमारा पहला एफ माउंट एसएलआर यानी निकॉन एफ जो कि बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय रहा साल 1959 में आया। यह ऐसा कैमरा था जिसने कैमरा जिसने निकॉन के नाम को विश्व में स्थापित कर दिया।
इंडिया की बात करूं तो हमारे यहां बहुत से फोटोजेनिक मोमेंट्स होते हैं। फिर चाहे वे त्योहार हों, मेले हों, फैमिली फंक्शन जैसे शादिया हों हम उनकी यादों को सहेजने के लिए उन्हें कैमरे में कैप्चर करना चाहते हैं। यह सुविधा मुहैया कराने में निकन का बड़ा महत्वपूर्ण रोल रहा है। निकन ब्रांड्स को ग्राहकों ने बहुत सराहा है। हमने अपने ग्राहकों को ऐसे उत्पाद दिए हैं जो गुणवत्ता पर खरे उतरे हैं। इससे हमें ग्राहकों का प्यार जरूर मिला है। हम आने वाले दिनों में भी कुछ नया करने की कोशिश करते रहेंगे। भारत में निकॉन के सफर के अभी 12 वर्ष ही बीते हैं। हमने मई 2007 में भारत में शुरुआत की थी। हमने कुछ ही सालों में अपने आप को भारत में एक लीडिंग इमेजिंग कंपनी के रूप में स्थापित कर लिया है।
निकॉन एमडी ने कहा कि जब स्मार्ट डिवाइस या स्मार्ट फोन का उतना प्रयोग नहीं होता था तो फोटोग्राफी या पिक्चर खींचने वाले लोग भी बहुत कम थे। पहले लोग कैमरा किराये पर लेते थे, उसके बाद अपने इवेंट या फैमिली इवेंट की फोटोग्राफी कराते थे। अब स्मार्ट डिवाइस और स्मार्टफोन के बढ़ते प्रयोग से लोगों का रुझान फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी के प्रति बढ़ा है। ऐसे में इस इंडस्ट्री के लिए कस्टमर बेस बहुत बड़ा हो गया है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि स्मार्टफोन के दौर ने कैमरे का बाजार बढ़ाने में भी बहुत महत्वपूर्ण मदद की है।
निकॉन इंडिया के एमडी बताया, "अभी हाल ही में हमने डीएसएलआर रेंज में डी 780 इंट्रोड्यूस किया जो कि एक हाइब्रिड प्रकार का डीएसएलआर है जिससे आप बहुत अच्छी वीडियो भी बना सकते हैं। इसके साथ ही आप उसी समय एक अच्छी स्टिल तस्वीर भी ले सकते हैं। सोशल मीडिया के बढ़ते चलन को देखते हुए हमने ग्राहकों को इसमें स्नेप ब्रिज का फीचर दिया है। इसमें लगातार सुधार भी किया जा रहा है।"
भारत में एक कैमरा ब्रांड के रूप में निकॉन इंडिया को स्थापित करने की यात्रा में क्या-क्या चुनौतियां आई? इस सवाल के जवाब में सज्जन कुमार ने कहा कि इसमें वाकई बहुत ज्यादा मेहनत लगी थी। हमारी जैसे कोशिश रहती है कि हम अपने ग्राहकों को उनके नजदीकी जगहों से ही उत्पाद उपलब्ध कराएं। पहले कैमरा ऐसा प्रोडक्ट था जो बॉक्स में रहता था। ऐसे में कस्टमर उसे खरीदने से पहले ट्राई नहीं कर सकता था। इससे उन्हें इसका टच और फील नहीं होत पाता था। हमने इस बारे में निर्णय लिया।"
सज्जन कुमार ने बताया हमने अपने निकॉन एक्सपीरियंस जोन बनाए। आज हमारे पास 143 एक्सपीरियंस जोन्स है जो हिंदुस्तान में अलग-अलग शहरों में बनाए गए हैं। ऐसा नहीं कि हमारा फोकस सिर्फ मेट्रोज में रहा हो। हमारी कोशिश रहती है कि ये एक्सपीरियंस जोन्स टायर टू और टायर थ्री शहरों में भी हों और वहां हम अपने उत्पादों की एक संपूर्ण रेंज उपलब्ध करा सकें। इससे ग्राहकों को हमारे उत्पादों को देखने-परखने का मौका मिले जिससे बाद में परचेसिंग का डिसीजन ले पाएं। सज्जन ने कहा सर्विस एक ऐसी चीज है जो कस्टमर चाहता है कि बिल्कुक उसके नजदीक उपलब्ध हो। इसे देखते हुए हमारे पास 60 से भी ज्यादा जी सर्विस लोकेशंस है जहां पर कस्टमर जा सकता है अपने प्रोडक्ट दे सकता है या सीधे सर्विस भी ले सकता है।
निकॉन इंडिया के एमडी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि हमारी निरंतर कोशिश रहेगी कि हम ईज ऑफ शूटिंग को बढ़ावा देते रहें जिससे आप जिससे आप एक बेहतर तस्वीर और एक बेहतर वीडियो ले पाएं। हम सकारात्मक बदलावों का सिलसिला जारी रखेंगे फिर चाहे वह प्रोडक्ट हो चाहे हमारी सर्विसेस।