भारत के शेयर बाजारों में शुक्रवार को राहत भरी तेजी लौटी और छह दिन से जारी गिरावट थम गई क्योंकि कारोबारियों का मानना है कि बाजार में हालिया गिरावट में खरीदारी से भविष्य में पैसे बना सकेंगे। हालांकि विश्लेषक इस निष्कर्ष पर पहुंचने में संकोच कर रहे हैं कि भू-राजनीतिक तनाव और उच्च अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को लेकर चिंताओं के कारण बाजार में फिलहाल तेजी आएगी। शुक्रवार को निफ्टी 190 अंकों यानी 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,047.25 जबकि सेंसेक्स 634.65 अंकों यानी 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,782.80 के लेवल पर बंद हुआ।
जेपी मॉर्गन ने भी भारत पर अपनी रेटिंग को ओवरवेट में अपग्रेड कर दिया है उसका मानना है हालिया गिरावट खरीदारी के लिए एक मौका है। आम चुनावों को देखते हुए बाजार का रुख सकारात्मक रहने के आसार हैं। बाजार में गिरावट के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने बिकवाली जारी रखी और 1,500 करोड़ रुपये की निकासी की। एफपीआई बाजार से अक्तूबर महीने में 20356 करोड़ रुपये के शेयर डंप कर चुका है।
नुवामा प्रोफेशनल क्लाइंट्स ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष (शोध) संदीप रैना के अनुसार शेयर बाजार में फिर से गिरावट आने से पहले कुछ दिनों की रिकवरी देखने को मिल सकती है। रैना ने कहा, "हालांकि यह घबराहट की स्थिति नहीं है, फिर भी हम अत्यअधिक उतार-चढ़ाव देख सकते हैं, यह स्थिति 3-4 महीनों में निफ्टी को 18,000 तक नीचे ला सकता है। लेकिन गिरावट की यह रफ्तार बहुत धीमी होगी।"
एशिया के अन्य बाजारों में वॉल स्ट्रीट में कमजोरी के बावजूद तेजी रही। चीन 0.99 प्रतिशत, हांगकांग 2.08 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया 0.16 प्रतिशत और ताइवान 0.38 प्रतिशत मजबूत हुए। एसएंडपी 500 शुक्रवार को 0.48% की गिरावट के साथ 11 दिनों में अपनी नौवीं गिरावट और पांच महीने में अपने सबसे निचले स्तर से नीचे आ गया।