गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने शनिवार को जिलियन कंसल्टेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉर्टसे नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी शख्स भारत में चीनी लिंक वाली बड़ी संख्या में फर्जी यानी शेल कंपनियों (Shell Company) को चलाने और अपने बोर्ड में डमी निदेशक नियुक्त करने का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा डॉर्टसे पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।
डॉर्टसे के इन कंपनियों पर भी पड़ा छापा
डॉर्टसे के बेंगलुरु में फिनिटी प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद में एक पूर्व सूचीबद्ध कंपनी हसीज कंसल्टिंग लिमिटेड पर भी सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने छापेमारी की थी। डॉर्टसे ने जिलियन कंसल्टेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में फर्जी निदेशक की नियुक्ति कर रखी थी।
भारत से भागने की फिराक में था डॉर्टसे
इनपुट्स और की गई जांच के आधार पर यह पता चला कि डॉर्टसे दिल्ली एनसीआर से बिहार राज्य में एक दूरस्थ स्थान पर भाग गया था और सड़क मार्ग से भारत से भागने का प्रयास कर रहा था। तुरंत, एसएफआईओ में एक विशेष टीम का गठन किया गया था जिसे दूरस्थ स्थान पर प्रतिनियुक्त किया गया था। 10 सितंबर 2022 की शाम को, एसएफआईओ ने बिहार से डॉर्टसे को गिरफ्तार कर लिया जिसे बाद में क्षेत्राधिकार न्यायालय में पेश किया गया था और उसकी ट्रांजिट रिमांड के आदेश प्राप्त किए गए।
शेल कंपनी क्या है?
सामान्य तौर पर शेल कंपनी से तात्पर्य ऐसी कंपनी से है जो कि सिर्फ नाममात्र के लिए कागजो में स्थापित/पंजीकृत होती है लेकिन इस प्रकार की कंपनी की कोई वास्तविक पहचान, पूंजी (अथवा नाममात्र पूंजी) , कार्यालय एवं कर्मचारी नही होते।