तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की। पवार ने इस महीने की शुरुआत में एग्जिट पोल के बाद शेयर बाजार में कथित हेरफेर की जांच की तृणमूल की मांग का समर्थन किया था। स्टॉक में कथित हेरफेर की शिकायत सेबी से करने पर शिव सेना (यूबीटी) नेता अरविंद सावंत ने कहा कि जिन एजेंसियों के कारण आम आदमी के 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ वही एजेंसियां एफआईआई और एग्जिट पोल के लिए काम कर रही हैं। उनके साथ वह जुड़ाव एक गंभीर बात है जिसकी जांच होनी चाहिए। मुंबई में टीएमसी, यूबीटी और एनसीपी नेताओं ने कथित शेयर बाजार में हेरफेर को लेकर सेबी के बाहर विरोध प्रदर्शन और नारे लगाए।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सबसे बड़े शेयर बाजार घोटाले' में 'सीधे तौर पर शामिल' हैं। उन्होंने कहा था कि इस महीने की शुरुआत में लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद बाजार में गिरावट के कारण खुदरा निवेशकों को 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
भाजपा ने विपक्षी दलों के आरोपों को 'निराधार' बताकर खारिज कर दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने इस बात की जांच की मांग की है कि कैसे फर्जी एग्जिट पोल का इस्तेमाल करके शेयर बाजारों में हेरफेर किया गया।
मंगलवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में, पवार ने कहा, "अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी, सागरिका घोष और साकेत गोखले एग्जिट पोल के दौरान शेयर बाजार में हेरफेर की जांच की मांग करने के लिए सेबी का दौरा करने के लिए मुंबई में हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार इस कारण से उनका समर्थन कर रहे हैं।
पवार ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने सुबह उनके मुंबई स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की। शिवसेना सांसद अरविंद सावंत, राकांपा सांसद सुप्रिया सुले, जो शरद पवार की बेटी हैं, और पूर्व एमएलसी विद्या चव्हाण भी बैठक में मौजूद थीं।
इससे पहले लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद 6 जून 2024 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि शेयर बाजार पर सरकार की ओर से की गई टिप्पणी से लाखों खुदरा निवेशकों का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा था कि इससे निवेशकों को 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा था कि यह शेयर बाजार का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। इसकी संसदीय समिति से जांच कराई जानी चाहिए। राहुल ने कहा था, "हमने नोट किया कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री ने, गृह मंत्री और वित्त मंत्री ने स्टॉक मार्केट पर टिप्पणी की। प्रधानमंत्री ने दो-तीन चार बार देश को कहा कि स्टॉक मार्केट तेजी से आगे बढ़ने जा रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए कहा।"