फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ratan Tata: असम में सेमीकंडक्टर का निर्माण राज्य को वैश्विक मानचित्र पर उभरेगा, बोले रतन टाटा

Wed, 20 Mar 2024 04:38 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ratan Tata: रतन टाटा ने एक्स पर लिखा है कि असम में किए जा रहे निवेश ने कैंसर पीड़ितो के जटिल उपचार और देखभाल के लिए राज्य को सक्षम बनाया है। अब टाटा समूह के साथ साझेदारी में असम की सरकार राज्य को सेमीकंडक्टर के में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाएगी।
विज्ञापन
असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के साथ रतन टाटा व चंद्रशेखरन। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

असम में समीकंडक्टर निर्माण की सुविधा स्थापित करने पर टाटा समूह के दिग्गज रतन टाटा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उद्योगपति और टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि असम में सेमीकंडक्टर का निर्माण राज्य को वैश्विक मानचित्र उभरेगा। टाटा समूह ने असम के जागीरोड में सेमीकंडक्टर संयंत्र के लिए 27,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। रतन टाटा टाटा संस के आजीवन मानद चेयरमैन हैं।

विज्ञापन


रतन टाटा ने एक्स पर उनके, हिमंत बिस्वा सरमा और टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन की तस्वीरें संलग्न करते हुए पोस्ट किया, "असम में किए जा रहे निवेश ने कैंसर पीड़ितो के जटिल उपचार और देखभाल के लिए राज्य को सक्षम बनाया है। आज, टाटा समूह के साथ साझेदारी में असम की सरकार राज्य को सेमीकंडक्टर के में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाएगी।"

टाटा ने असम सरकार के सहयोग से पहले ही राज्य भर में कई कैंसर केयर अस्पताल स्थापित किए हैं। रतन टाटा ने कहा, "यह नया घटनाक्रम असम को वैश्विक मानचित्र पर उभरेगा। हम असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को उनके समर्थन और दृष्टि के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं जिनके कारण यह सब संभव हो पाया।"

देश की पहली सेमीकंडक्टर चिप दिसंबर तक तैयार होने की उम्मीद

इससे पहले मंगलवार को, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आश्वासन दिया था कि देश की पहली सेमीकंडक्टर चिप दिसंबर 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगी और यह पहली मेड इन इंडिया चिप होगी। उन्होंने कहा था कि हमने सेमीकंडक्टर निर्माण का पहला प्रयास 1962 में ही किया था, लेकिन जब तक आपके पास सही नीति और सही दृढ़ विश्वास नहीं होगा, यह संभव नहीं हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी को विश्वास है कि विकासशील भारत के लिए हमें इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण की आवश्यकता है। टीवी से लेकर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, हर चीज में हमें सेमीकंडक्टर की जरूरत होती है।

विज्ञापन


13 मार्च को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली तीन सेमीकंडक्टर निर्माण प्लांट्स की आधारशिला रखी थी। इनमें से दो प्लांट गुजरात में जबकि एक प्लांट असम में तैयार हो रहा है। टाटा समूह इन तीन संयंत्रों में से दो की स्थापना कर रहा। दोनों राज्यों में एक-एक संयंत्र स्थापित करने में टाटा समूह अपना योगदान देगा।

भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग अभी एक शुरुआती अवस्था में

भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग अभी एक शुरुआती अवस्था में है। विभिन्न स्थानीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां इसकी विशाल क्षमता का दोहन करने का इरादा रखती हैं। टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड ("TSAT") के नाम से असम के मोरीगांव में एक सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करेगी। प्रतिदिन 48 मिलियन चिप्स उत्पादन की क्षमता वाली इस सुविधा का निर्माण 27,000 करोड़ रुपये से की लागत से किया जा रहा है। 

यहां जिन सेगमेंट को कवर किया जाएगा वे ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिक वाहन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार और मोबाइल फोन हैं। शिलान्यास समारोह के दौरान मौजूद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा था कि भारत में उद्योगों ने पिछली औद्योगिक क्रांतियों के दौरान व्यवसायों के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र को उचित स्थान नहीं दिया। अब इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें