शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एंव विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस वर्ष के प्रारंभ में एक नया कारोबारी प्लेटफॉर्म शुरु किया था जिस पर राइट्स इश्यू के योग्य शेयरधारक अपने शेयर बेच सकेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज का राइट्स इश्यू बुधवार 20 मई को खुल रहा है और सेबी के इस प्लेटफॉर्म की असली परीक्षा रिलायंस के राइट्स इश्यू के साथ होगी।
सेबी का यह प्लेटफॉर्म कई मायनों में खास है। अब तक होता यह था कि जो शेयरधारक राइट्स इश्यू के लिए आवेदन नहीं करना चाहते थे, उनको अपने राइट एंटाइटलमेंट (आरई) से वंचित होना पड़ता था या फिर इसे मुफ्त में किसी और को ट्रांसफर करना पड़ता था पर अब ऐसा नहीं होगा।
रिलायंस के राइट्स इश्यू के साथ ही 20 मई को आरई का कारोबार भी खुल जाएगा और योग्य शेयरधारक अपने आरई को बेच सकेंगे। यह कारोबार 29 मई को बंद कर दिया जाएगा, जबकि रिलायंस के राइट्स इश्यू में आवेदन की अंतिम तिथि तीन जून रहेगी। आरई कारोबार को कुछ दिन पहले बंद करने के पीछे की वजह निपटान में लगने वाला वक्त है।
शेयर बाजार में भी इस नई चहल कदमी को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। आरई की कारोबारी बारीकियों और सिस्टम को तैयार कर लिया गया है। कारोबार के लिए नई अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति पहचान संख्या (आईएसआईएन )का इस्तेमाल किया जाएगा जो सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करेगा।
नए प्लेटफॉर्म के साथ-साथ रिलायंस के राइट्स इश्यू में कई और भी नई चीजें हैं जो पहली बार होने जा रही हैं। तीस साल बाद रिलायंस राइट्स इश्यू लेकर आया है और वह भी किश्तों में। आखिरी किस्त के पैसे शेयरधारकों को नंवबर 2021 में चुकाने पड़ेंगे। इससे यह इश्यू और भी आकर्षक बन गया है।
किस्तों में होने की वजह से अब शेयर बाजार में दो तरह के रिलायंस शेयर दिखाई देंगे,एक पूर्णत: चुकता और दूसरे आंशिक भुगतान वाले शेयर। अगले साल नंवबर तक यह स्थिती बनी रहेगी जबतक आंशिक भुगतान शेयरों का पूरा भुगतान नहीं हो जाता।
कारोबारियों के अनुसार इससे शेयरधारकों को भी कारोबार के नए अनुभव प्राप्त होंगे। नए प्लेटफॉर्म पर वे आरई को तो बेच ही सकेंगे साथ ही आंशिक भुगतान कर रिलायंस के शेयरधारक बनने का मौका भी उन्हें मिलेगा अर्थात कम पूंजी लगाकर भी लाभ कमा सकेंगे।