बाजार नियामक सेबी ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ARSS इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नियामक ने कंपनी से जुड़े छह लोगों पर पूंजी बाजार से छह महीने से एक साल तक का प्रतिबंध लगाया है। इनमें कंपनी के निदेशक, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शामिल हैं।
कंपनी पर 47.5 लाख का जुर्माना भी लगा
सेबी ने पूंजी बाजार से एक साल तक प्रतिबंधित करने के साथ-साथ कंपनी पर जुर्माने की कार्रवाई भी की गई है। बाजार नियामक ने एआरएसएस पर कुल 47.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी द्वारा वित्तीय लेन-देन की सही जानकारी मुहैया नहीं कराई गई, जिसके चलते ये प्रतिबंध लगाया गया है।
सेबी ने आदेश में कही यह बात
सेबी ने अपने आदेश में कहा कि ARSS इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (एआईपीएल) सही वित्तीय लेखा-जोखा प्रस्तुत करने में असफल रहा है और उसने गलत ट्रांजैक्शन्स की थी, जो अकाउंट/फाइनेंशियल स्टेटमेंट की गलत जानकारी देना और कंपनी के अकाउंट या फंड्स का गलत इस्तेमाल करने की श्रेणी में आता है। इसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
एसबीआई नामित राउत पर भी लगा बैन
जिन छह लोगों पर सेबी द्वारा कार्रवाई की गई है, उनमें कृष्ण चंद्र राउत भी शामिल हैं। गौरतलब है कि राउत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की ओर से ARSS इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बोर्ड पर नॉमिनी हैं। वे एसबीआई के रिटायर्ड अधिकारी हैं, जिन्हें बैंक ने एआरएसएस के बोर्ड में साल 2013 में नामित किया था।