एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ने 2021-22 में कुल 66,702 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस अवधि में एसबीआई ने 31,675 करोड़ रुपये का फायदा कमाया था। पिछले वित्त वर्ष में जहां रिलायंस के मुनाफे में 22,497 करोड़ रुपये की कमी आई है, वहीं एसबीआई का लाभ 18,557 करोड़ रुपये बढ़ गया है।
पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को तगड़ा झटका लगा है। वित्त वर्ष 2022-23 में एसबीआई ने 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा कमाकर रिलायंस को पीछे छोड़ दिया है। रिलायंस का लाभ 44,205 करोड़ रुपये रहा है।
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एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ने 2021-22 में कुल 66,702 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस अवधि में एसबीआई ने 31,675 करोड़ रुपये का फायदा कमाया था। पिछले वित्त वर्ष में जहां रिलायंस के मुनाफे में 22,497 करोड़ रुपये की कमी आई है, वहीं एसबीआई का लाभ 18,557 करोड़ रुपये बढ़ गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और एसबीआई ऐसे संस्थान हैं, जो निवेश, निवेशक और अन्य वित्तीय पैमाने पर सबसे आगे हैं। दोनों के पास ग्राहकों का बड़ा आधार है। उनके पास पूंजी की भी कोई कमी नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये दोनों कंपनियां भले ही महारत्न की श्रेणी में नहीं आती हैं, पर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इनका 37 फीसदी का अहम योगदान है।
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2022-23 में लाभ कमाने वाली शीर्ष-8 कंपनियां
एचडीएफसी बैंक 44,109
टीसीएस 39,106
ओएनजीसी 38,829
एलआईसी 36,397
आईसीआईसीआई 31,897
वेदांता 27,356
इन्फोसिस 23,268
आईटीसी 18,753
सरकारी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में एसबीआई की हिस्सेदारी 45 फीसदी
शेयर बाजार में सूचीबद्ध कुल सरकारी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 11 लाख करोड़ रुपये है। इसमें 5 लाख करोड़ रुपये के साथ अकेले देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की 45 फीसदी हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, फायदा कमाने वाली शीर्ष-10 कंपनियों में केवल एक महारत्न कंपनी ओएनजीसी ही शामिल है। इस समय 13 महारत्न कंपनियां हैं, जबकि 1997 में पहली बार 9 महारत्न कंपनियां बनी थीं। अभी 16 नवरत्न और 68 मिनीरत्न कंपनियां हैं। सेवा क्षेत्र देश के विकास में इस समय 53 फीसदी योगदान दे रहा है।