ओपनएआई के सह-संस्थापक और सीईओ सैम आल्टमैन की कुल संपत्ति दो अरब डॉलर के पार पहुंच गई है। हालांकि हैरानी की बात ये है कि सैम आल्टमैन को दुनिया के सबसे चर्चित आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्टार्टअप का चेहरा माना जाता है, लेकिन उनकी संपत्ति में इस एआई स्टार्टअप का योगदान नहीं है।
विभिन्न स्टार्टअप में निवेश से बनाई संपत्ति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैम आल्टमैन के एआई स्टार्टअप ओपनएआई में कोई हिस्सेदारी नहीं है और सैम आल्टमैन की संपत्ति में बड़ी हिस्सेदारी वेंचर कैपिटल्स फंड और विभिन्न स्टार्टअप में निवेश की है। सैम आल्टमैन ने रेडइट में भी निवेश किया हुआ है और जल्द ही रेडइट के शेयर जारी होने वाले हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि सैम आल्टमैन की संपत्ति में आने वाले महीनों में और इजाफा होगा। ओपनएआई की कुल वैल्यू 86 अरब डॉलर आंकी गई है, लेकिन इसके सीईओ होते हुए भी सैम आल्टमैन के पास इसकी हिस्सेदारी नहीं है और ओपनएआई में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 49 फीसदी माइक्रोसॉफ्ट की है।
सैम आल्टमैन की कुल संपत्ति में से 1.2 अरब डॉलर की संपत्ति वेंचर कैपिटल फंड से आती है। आल्टमैन ने 43 करोड़ डॉलर अपॉलो प्रोजेक्ट में निवेश किए हैं। साथ ही रेडइट में आल्टमैन की 8.7 फीसदी हिस्सेदारी है। आल्टमैन ने 50 करोड़ डॉलर न्यूक्लियर फ्यूजन कंपनी हेलियोन एनर्जी इंक में निवेश किए हैं। साथ ही 18 करोड़ डॉलर रेट्रो बायोसाइंस में इन्वेस्ट किए हैं।
मस्क ने सैम आल्टमैन पर किया मुकदमा
टेस्ला और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक एलन मस्क ने ओपनएआई और उसके सीईओ सैम आल्टमैन समेत कंपनी के कई अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा कर दिया है। ये मुकदमा समझौते के कथित उल्लंघन के मामले में दर्ज कराया गया है। हालांकि अभी तक इस मामले में मस्क या सैम आल्टमैन की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। आरोप है कि साल 2015 में ओपनएआई के संस्थापकों ग्रेग ब्रॉकमैन और सैम आल्टमैन ने नॉन प्रॉफिट कंपनी बनाने के लिए एलन मस्क से संपर्क किया था। इस कंपनी को इंसानों के फायदे के लिए एआई तकनीक पर आधारित तकनीक विकसित करने के लिए बनाया गया था। हालांकि ओपनएआई के मुनाफा कमाने पर फोकस करने के चलते ये समझौता टूट गया, जिसके चलते मस्क ने आल्टमैन और ओपनएआई के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।