बीते गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन पर हमला करने के एलान के बाद अचानक शेयर बाजार में हाहाकार मच गया और इसके साथ ही रूसी करेंसी रूबल डॉलर के मुकाबले बुरी तरह टूट गई थी। हालांकि, अगले दिन से इसमें सुधार आया था। लेकिन अब रूस-यूक्रेन युद्ध तेज होने के चलते रूबल एक बार फिर से धराशायी हो गया है। सोमवार को इसमें अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह अपने ऑल टाइम लो पर आ गया।
118 के स्तर पर पहुंचा रूबल
सोमवार को डॉलर के मुकाबले रूबल अपने ऑल टाइम लो पर आ गया। डॉलर इंडेक्स उछाल के साथ 97.37 पर पहुंच गया गया। यह दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में तेजी को प्रदर्शित करता है। इसके अनुरूप अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रूसी मुद्रा रूबल फिसलकर 118 के स्तर पर पहुंच गई, जो कि इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के खिलाफ कई पश्चिमी देशों ने रूस पर नए सिरे से आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किया है, जिसके बाद डॉलर में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।
इसलिए बढ़ा रूबल पर दबाव
जैसे-जैसे रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध बढ़ता जा रहा है, इसका असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। आपको बता दें कि अमेरिका और यूरोप ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध बढ़ा दिए हैं और बीते शनिवार को SWIFT इंटरनेशनल पेमेंट पर बैन लगा दिया गया। ये सबसे बड़ा कारण है जिसकी वजह से रूस की करेंसी रूबल पर दबाव बढ़ा है। आपको बता दें कि यूक्रेन पर हमले की शुरुआत वाले दिन गुरुवार को लुढ़कने के बाद बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र शुक्रवार को रूसी मुद्रा रूबल में जोरदार उछाल दर्ज किया गया था। गौरतलब है कि गुरुवार को पुतिन के यूक्रेन पर हमला करने के आदेश के बाद रूबल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90 के स्तर पर पहुंचा था, लेकिन शुक्रवार को इसमें उछाल आया और डॉलर के मुकाबले यह 2.3 फीसदी बढ़कर 83.30 पर आ गया था।
सिक्यॉरिटीज बेचने का लगाया प्रतिबंध
एक ओर जहां पश्चिमी देशों द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमले के निर्णय को गलत करार दिया जा रहा है और देश पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इन प्रतिबंधों से बौखलाए रूस के केंद्रीय बैंक (बैंक ऑफ रसिया) ने भी एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत विदेशी निवेशकों द्वारा रसियन सिक्यॉरिटीज को बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है। इस फैसले के बाद कोई भी विदेशी निवेशक रसियन सिक्यॉरिटीज की होल्डिंग को बेच नहीं सकेगा।
ब्याज दरों को बढ़ाकर 20 फीसदी किया
इसके अलावा बैंक ऑफ रसिया ने एक और बढ़ा फैसला लिया है। इसके तहत केंद्रीय बैंक ने अपने देश पर लगाए गए तमाम आर्थिक प्रतिबंधों के बीच ब्याज दरों में अप्रत्याशित रूप से 100 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी की है। यूरोप और अमेरिका की तरफ से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को मद्देनजर उसने महत्वपूर्ण ब्याज दरों को 9.5 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है। बता दें कि इस इजाफे के साथ दरें बीते दो दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।