एसबीआई ने 2021-22 के लिए आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को बढ़ाकर 9.3-9.6% कर दिया है। यह कोरोना पूर्व स्तर से 1.5-1.7% ज्यादा है। पहले वृद्धि दर 8.5-9% तक रहने का अनुमान जताया था।
एसबीआई ने शोध रिपोर्ट में कहा कि दूसरी तिमाही में वृद्धि दर 8.1 फीसदी रह सकती है, जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है। पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 20.1% थी।
रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विनिवेश लक्ष्य हासिल नहीं होने के बावजूद राजस्व संग्रह के उम्मीद से बेहतर रहने से राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.6% रह सकता है। 2021-22 के आम बजट में राजकोषीय घाटा 6.8 फीसदी पर रहने का अनुमान जताया था।
शहरी इलाकों में 3.5 करोड़ गुणवत्तापूर्ण मकानों की जरूरत को देखते हुए किफायती मकान सेगमेंट में 45 लाख करोड़ के निवेश की संभावनाएं हैं। नाइट फ्रैंक ने कहा, शहरी इलाकों में दो करोड़ मकान आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए चाहिए।
रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा कि घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री मात्रा के आधार चालू वित्त वर्ष में 1-4% घट सकती है। दोपहिया वाहनों के दाम लगातार बढ़ने, पेट्रोल महंगा होने व अन्य कारणों से यह कमी होगी। अप्रैल-अक्तूबर में 80.5 लाख दोपहिया वाहन बिके।