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रेट्रो टैक्स खत्म: केयर्न से 10247 करोड़ का विवाद सुलझाने की पहल, अमेरिकी कोर्ट से भारत की गुहार

Tue, 17 Aug 2021 09:59 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने बहुराष्ट्रीय कंपनी केयर्न एनर्जी के साथ विवाद हल करने के लिए अमेरिकी कोर्ट से गुहार लगाई है। कंपनी ने 10247 करोड़ रुपये की रिकवरी के लिए कोर्ट में अपील की है। भारत ने कहा है कि चूंकि रेट्रो टैक्स खत्म कर दिया गया है, इसलिए कंपनी की अपील खारिज कर दी जाए। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत सरकार ने अमेरिका की एक अदालत में अपील दायर कर केयर्न एनर्जी की याचिका खारिज करने की मांग की है। याचिका में केयर्न एनर्जी ने भारत से टैक्स की रिकवरी की अपील की है। सरकार ने रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स को खत्म करने के लिए संसद से संशोधन विधेयक पारित करा लिया है। 
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रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स को लेकर केयर्न एनर्जी और वोडाफोन का भारत सरकार के साथ करोड़ों रुपये वसूली का विवाद है। केयर्न एनर्जी ने मई 2021 में अमेरिकी फेडरल कोर्ट में अपील दायर कर एयर इंडिया से कहा था कि वह 1.26 अरब डॉलर का सरकारी बकाया वापस करे। ऐसा नहीं करने पर एयर इंडिया की संपत्ति सीज करने की भी धमकी दी थी। 

दिसंबर 2020 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स विवाद में केयर्न एनर्जी के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके चलते कंपनी ने भारत से 10,247 करोड़ रुपये की रिकवरी की अपील की है। भारत सरकार की तरफ से 13 अगस्त को केयर्न की याचिका को निरस्त करने को लेकर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ऑफ कोलंबिया में अपील की गई  है। 
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रेट्रो टैक्स के प्रावधान के कारण भारत सरकार ने 17 कंपनियों से कुल 1.10 लाख करोड़ रुपए टैक्स के रूप में वसूले थे। केयर्न से 10247 करोड़ रुपये की उगाही की गई थी। इसी तरह वोडाफोन पीएलसी से भी करोड़ों रुपये के टैक्स मांग की गई थी। इस आयकर प्रावधान के कारण भारत सरकार को यह अधिकार था कि वह किसी भी कंपनी से पुराने लेनदेन को ध्यान में रखते हुए पूंजीगत लाभ पर  टैक्स वसूली करे। 
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