उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई 2024 में 3.6 प्रतिशत और अगस्त 2023 में 6.83 प्रतिशत थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2024 में खुदरा मुद्रास्फीति मामूली रूप से बढ़कर 3.65 प्रतिशत हो गई और यह रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के भीतर रही। जुलाई में भी मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत से नीचे थी।
सब्जियों और फलों की कीमतों में उछाल से खुदरा महंगाई अगस्त में मामूली बढ़कर 3.65 % पर पहुंच गई। इस वृद्धि के बावजूद पांच साल में यह दूसरी बार सबसे कम रही। इससे पहले सितंबर, 2019 में खुदरा महंगाई 3.99% रही थी। जुलाई, 2024 में भी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई घटकर पांच साल के निचले स्तर 3.54% पर आ गई थी, जबकि अगस्त, 2023 में 6.83% रही थी।
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर पिछले महीने मामूली बढ़कर 5.66% पहुंच गई। बावजूद इसके यह जून, 2023 के बाद 14 महीने का निचला स्तर है। जुलाई में यह 5.42 % रही थी। इस दौरान सब्जियों की महंगाई दर जुलाई के 6.83 से बढ़कर 10.71 फीसदी पर पहुंच गई।
जुलाई में भी मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत से नीचे थी। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि सीपीआई मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ 4 प्रतिशत पर बनी रहे।