सितंबर महीने में प्याज की कीमतों में 54 फीसदी का उछाल होने से खुदरा महंगाई दर (Consumer Price Index) में 3.99 फीसदी पर पहुंच गई है। इससे पहले अगस्त में खुदरा महंगाई दर 3.21 फीसदी थी। यह अक्तूबर 2018 के बाद की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है। सितंबर माह में खाद्य महंगाई दर 5.11 फीसदी रही, जोकि अगस्त में 2.99 फीसदी थी।
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति सितंबर महीने में 0.33 फीसदी पर आ गई है। यह जून 2016 के सबसे निचले स्तर पर है। अगस्त में यह 1.08 फीसदी थी। वहीं पिछले साल सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.22 फीसदी थी।
सितंबर के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की दर 7.47 फीसदी रही। वहीं गैर-खाद्य पदार्थों की कीमतों की वृद्धि दर 2.18 फीसदी रही। सितंबर में फल, सब्जियां, गेहूं, मीट और दूध की थोक महंगाई दर 0.6 फीसदी रही है। बता दें कि थोक मूल्य सूचकांक में प्राइमरी आर्टिकल्स की हिस्सेदारी 22.62 फीसदी है।
मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की बात करें, तो इसकी थोक महंगाई दर सितंबर में 0.1 फीसदी रही। डब्ल्यूपीआई में इसकी हिस्सेदारी 64.23 फीसद है। ईंधन और पावर क्षेत्र में महंगाई दर -0.5 फीसद रही।
सितंबर के दौरान डब्ल्यूपीआई फूड इंडेक्स में 5.98 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले महिने अगस्त में यह 5.75 फीसदी थी। इसमें प्राइमरी आर्टिकल्स ग्रुप और मैन्युफैक्चर्ड उत्पाद कैटेगरी के खाद्य उत्पाद शामिल हैं।