पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से प्राकृतिक गैस और हवाई ईंधन को जल्द से जल्द जीएसटी के दायरे में लाने की अपील की है। इंडिया एनर्जी फोरम में बोलते हुए प्रधान ने कहा कि जब जीएसटी लागू हुआ था, तब से पांच पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे में नहीं लाया गया है। कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन से राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा कमाई होती है।
अब इस बात को दो साल हो गए हैं। पेट्रोलियम सेक्टर से यह मांग लगातार आ रही है कि इन पांचों उत्पादों को जीएसटी में शामिल किया जाए। मैं वित्त मंत्री से अनुरोध करता हूं कि इस मुद्दे को जीएसटी परिषद के समक्ष रखा जाए और गैस व हवाई ईंधन से इसकी शुरुआत की जाए।
हवाई कंपनियों की लागत में ईंधन का 50 फीसदी हिस्सा शामिल होता है। वैट के चलते हर राज्य में इसकी अलग-अलग कीमत होती है। प्रधान ने कहा कि उनको उम्मीद है कि जीएसटी परिषद इस मुद्दे पर सही समय पर फैसला लेगी। फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट के अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी भी लगती है। अगर जीएसटी के दायरे में यह आते हैं तो फिर सभी तरह के अन्य कर पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे।