आर्थिक गतिविधियों में सुधार के कारण 2025-26 में भी कर संग्रह के रूप में सरकार की कमाई मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। केयरएज रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा, अगले वित्त वर्ष में कर वसूली अच्छी रहेगी। सकल कर राजस्व 10.4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 41.4 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है। बढ़ोतरी की यह रफ्तार 2025-26 के लिए अनुमानित 10.3 फीसदी की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि से थोड़ा अधिक है। शुद्ध कर राजस्व के रूप में सरकार की झोली में 28.2 लाख करोड़ रुपये आ सकते हैं।
आरबीआई से सरकार को कम मिलेगा लाभांश
सब्सिडी खर्च: 4.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान
सब्सिडी पर सरकार को खर्च चालू वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 4.1-4.2 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है। यह 3.8 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से अधिक है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने रिपोर्ट में कहा, सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ने की प्रमुख वजह खाद्य और उर्वरक सब्सिडी पर अधिक खर्च करना है। इसके अलावा, भंडारण और परिवहन की ऊंची लागत भी सब्सिडी खर्च बढ़ा रही है।
2025-26 में घटेगा सरकारी खजाने पर बोझ
अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में सब्सिडी का कुल बोझ कम होकर लगभग 4 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। माना जा रहा है कि खाद्य सब्सिडी में बड़ी गिरावट आएगी और यह 2-2.1 लाख करोड़ रुपये के बीच रह सकती है।
सकल कर्ज 14 लाख करोड़
चालू वित्त वर्ष में सरकार का सकल कर्ज 14.01 लाख करोड़ और शुद्ध उधारी 11.63 लाख करोड़ रह सकती है। अगले वित्त वर्ष में शुद्ध कर्ज घटकर 10.8 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।