राणा कपूर को यह अंतरिम राहत तब मिली, जब भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जुलाई में कपूर को एक नोटिस भेजा। नोटिस में ब्याज सहित दो करोड़ रुपये का जुर्माना न चुकाने पर गिरफ्तारी और उनकी संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी गई थी।
प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने बाजार नियामक सेबी के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें यस बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) राणा कपूर को निजी क्षेत्र के ऋणदाता के एटी1 बॉन्ड को गलत तरीके से बेचने के मामले में दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कपूर डीएचएफएल धनशोधन मामले में मार्च 2020 से जेल में हैं।
विज्ञापन
सेबी ने जुलाई में राणा कपूर को भेजा था नोटिस
राणा कपूर को यह अंतरिम राहत तब मिली, जब भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जुलाई में कपूर को एक नोटिस भेजा। नोटिस में ब्याज सहित दो करोड़ रुपये का जुर्माना न चुकाने पर गिरफ्तारी और उनकी संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी गई थी।
आदेश में क्या कहा गया?
एनसीएलएटी ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि हमारा मानना है कि प्रथम दृष्टया जुर्माना लगाना कठोर और अनुपातहीन प्रतीत होता है। हम तदनुसार अपीलकर्ता को आज से छह सप्ताह के भीतर 50 लाख रुपये की राशि जमा करने का निर्देश देते हैं। यदि उक्त राशि जमा कर दी जाती है, तो अपील के लंबित रहने के दौरान शेष राशि की वसूली नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
25 करोड़ का जुर्माना लगाने के सेबी के आदेश पर अंतरिम रोक
सैट ने यह भी कहा कि उसने इसी मामले में यस बैंक पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के सेबी के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसी तरह अपीलकर्ता भी इसी तरह की राहत का हकदार है। नियामक ने सितंबर, 2022 में इस मामले में कपूर पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।