एशिया के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी देश-विदेश में अपनी संपत्ति का विस्तार करने में लगे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में उन्होंने लंदन में बड़ा निवेश किया है। वहीं अब एक कर्ज में डूबी भारतीय कंपनी पर उनकी नजर है। हम बात कर रहे हैं कपड़ा और धागे बनाने वाली दिवालिया कंपनी सिंटेक्स की। इसे खरीदने की दौड़ में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज भी शामिल हो गई है। आरआईएल ने एसेट्स केयर एंड रीकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के साथ मिलकर इसे खरीदने के लिए बोली लगाई है।
कंपनी के लिए मिली हैं चार बोलियां
रिलायंस के बोली लगाने के बाद अब सिंटेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड को खरीदने के लिए चार बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं।आरआईएल के अलावा वेलस्पन ग्रुप की ईजीगो टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड, जीएचसीएल लिमिटेड और हिम्मतसिंगका वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने भी सिंटेक्स के लिए बोलियां लगाई हैं। एनसीएलटी की अहमदाबाद बेंच ने इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट की याचिका पर सिंटेक्स के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया इस साल अप्रैल में शुरू की थी। सिंटेक्स के लिए मिली सभी बोलियों को अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) के सामने रखा जाएगा। आईआरपी के मूल्यांकन के बाद बोलियां कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स के पास पेश की जाएंगी। कमिटी इस बारे में अंतिम निर्णय लेगी कि कौन सी बोली स्वीकार की जाएगी।
7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंटेक्स बुरी तरह से कर्ज में डूबी है और अब तक 27 बैंक व वित्तीय संस्थान 7,534.6 करोड़ रुपये के बकाये का दावा कर चुके हैं। इनमें एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आरबीएल, आदित्य बिड़ला फाइनेंस, इंडसइंड बैंक, एलआईसी, एसबीआई और पीएनबी समेत कई अन्य बैंक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं। बता दें कि साल 2017 में सिंटेक्स प्लास्टिक टेक्नोलॉजी जो कि वाटर स्टोरेज टैंक बनाती है, को सिंटेक्स इंडस्ट्रीज से अलग किया गया था।