आर्थिक और कारोबारी गतिविधियों में तेजी के बाद अब देश का रियल एस्टेट क्षेत्र भी सुधार के रास्ते पर है। इस साल जुलाई-सितंबर तिमाही में मकानों की बिक्री महामारी पूर्व स्तर (2019) के पार पहुंच गई। संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक, आलोच्य तिमाही में देश के आठ प्रमुख शहरों में कुल 64,010 मकान बिके। यह आंकड़ा 2019 की जुलाई-सितंबर तिमाही से 104 फीसदी और पिछले साल की समान तिमाही में बिके कुल 33,404 मकानों के मुकाबले 92 फीसदी ज्यादा है।
बेहतर सुविधाओं वाले बड़े मकानों की मांग बढ़ी
महामारी के दौरान बेहतर सुविधाओं के साथ बड़े मकानों की मांग बढ़ी है। इससे 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक के मकानों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी 32 फीसदी से बढ़कर 35 फीसदी पहुंच गई। इस दौरान 50 लाख रुपये या इससे कम कीमत वाले मकानों की बिक्री घटकर 43 फीसदी रह गई। जुलाई-सितंबर, 2020 में यह हिस्सेदारी 45 फीसदी रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 की तीसरी तिमाही में कीमतें स्थिर रही हैं। हालांकि, इस दौरान चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में कीमतें सालाना आधार पर मामूली बढ़ी हैं।