फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RBI: 'ई-रुपी के उपयोकर्ताओं को मिलेगी ऑफलाइन भुगतान की सुविधा', आरबीआई का एलान- एईपीएस की सुरक्षा भी बढ़ेगी

Thu, 08 Feb 2024 03:08 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

RBI: आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दो महीने के अंतराल पर होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि सीबीडीसी-आर (खुदरा) में एक ऑफलाइन भुगतान की सुविधा पेश करने का प्रस्ताव है ताकि खराब या सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में लेनदेन को सक्षम बनाया जा सके।
 
विज्ञापन
Reserve Bank of India - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डिजिटल रुपया के उपयोगकर्ता जल्द ही सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी लेनदेन कर सकेंगे। रिजर्व बैंक ने गुरुवार को बताया है कि केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) पायलट परियोजना के तहत ऑफलाइन भुगतान की सुविधा देगी। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि प्रोग्रामेबिलिटी आधारित अतिरिक्त उपयोग के मामलों को पायलट प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में पेश किया जाएगा। 

विज्ञापन


आरबीआई ने दिसंबर 2022 में खुदरा सीबीडीसी का एक पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया और दिसंबर 2023 में एक दिन में 10 लाख लेनदेन करने का लक्ष्य हासिल किया। यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि अन्य भुगतान प्लेटफ़ॉर्म, विशेष रूप से बहुत लोकप्रिय यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), पहले से ही आफलाइन भुगतान की सुविधाएं देते हैं।

दास ने दो महीने के अंतराल पर होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा, सीबीडीसी-आर (खुदरा) में एक ऑफलाइन भुगतान की सुविधा पेश करने का प्रस्ताव है ताकि खराब या सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में लेनदेन को सक्षम बनाया जा सके।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कई ऑफलाइन समाधान, जिनमें निकटता और गैर-निकटता आधारित सामाधान शामिल हैं, का परीक्षण पहाड़ी, ग्रामीण और शहरी स्थानों में किया जाएगा। प्रोग्रामेबिलिटी के मोर्चे पर, उन्होंने कहा कि वर्तमान में, सिस्टम पायलट बैंकों की ओर से प्रदान किए गए डिजिटल रुपी वॉलेट का उपयोग करके व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) और व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) लेनदेन को सक्षम बनाता है।

उन्होंने कहा, "अब प्रोग्रामेबिलिटी और ऑफलाइन कार्यक्षमता का उपयोग करके इसके और अधिक उपयोगों को सक्षम करने का प्रस्ताव है।" इस बीच, दास ने आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) की सुरक्षा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए RBI के इरादे की भी घोषणा की, इसका उपयोग 2023 में 37 करोड़ लोगों ने किया था। 

उन्होंने कहा, "डिजिटल सुरक्षा के लिए इस तरह की व्यवस्था के उपयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए, डिजिटल भुगतान लेनदेन के प्रमाणीकरण के लिए सिद्धांत आधारित रूपरेखा को अपनाने का प्रस्ताव किया गया है।"

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें