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Repo Rate Hike: रेपो रेट में इसी महीने में 0.35 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है आरबीआई, जानकारों ने दिए संकेत

Wed, 14 Sep 2022 05:27 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Repo Rate Hike: अगस्त महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर सात प्रतिशत पर पहुंच गयी है। एक महीने पहले जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 6.71 प्रतिशत और पिछले साल अगस्त में 5.3 प्रतिशत थी। गौरतलब है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति लगातार आठवें महीने केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है।
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RBI Repo Rate Hike - फोटो : Istock
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विस्तार
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अगस्त महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़ी है और माना जा रहा है कि सितंबर में भी महंगाई दर और अधिक रहेगी। ऐसे में आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस महीने नीतिगत दरों (रेपो रेट) में 0.35 प्रतिशत की और बढ़ोतरी कर सकता है।

बता दें कि अगस्त महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर सात प्रतिशत पर पहुंच गयी है। एक महीने पहले जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 6.71 प्रतिशत और पिछले साल अगस्त में 5.3 प्रतिशत थी। गौरतलब है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति लगातार आठवें महीने केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है।

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आरबीआई इस वर्ष रेपो रेट तीन बार बढ़ा चुका है

Reserve Bank of India - फोटो : Social Media
महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने इस साल प्रमुख ब्याज दर को तीन बार बढ़ाकर 5.40 प्रतिशत कर दिया है। इसके बावजूद मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। स्विट्जरलैंड की ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस सिक्योरिटीज में भारत के लिए मुख्य अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने कहा कि सितंबर में भी मुद्रास्फीति के अगस्त महीने के स्तर पर कायम रहने की संभावना है। हालांकि, अक्टूबर से इसमें कमी आ सकती है। ऐसे में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति 30 सितंबर की नीतिगत समीक्षा में रेपो दर में 0.35 प्रतिशत की वृद्धि का फैसला ले सकती है।
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वित्त वर्ष 2023-24 में भी थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.3% रहने का अनुमान 

Repo Rate - फोटो : Istock
बार्कलेज सिक्योरिटीज इंडिया में मुख्य अर्थशास्त्री राहुल बजोरिया ने कहा कि थोक और खुदरा दोनों मुद्रास्फीति ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और ऐसा अनुमान है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बदलते मूल्य रूझानों पर गौर करेगी। उन्होंने कहा कि समिति समय रहते 30 सितंबर तक दरें बढ़ा सकती है और यह वृद्धि 0.50 प्रतिशत की हो सकती है। मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में भी थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.3 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है और आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक रेपो दरों में 0.35 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है।
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