बड़े घोटाले का शिकार हुई पंजाब व महाराष्ट्र सहकारी (PMC) बैंक के दिल्ली की यूनिटी स्माल फाइनेंस बैंक (USFB) द्वारा अधिग्रहण की तैयारी है। सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने अधिग्रहण योजना का प्रारूप जारी कर दिया।
विलय की इस प्रारूप योजना पीएमसी बैंक की संपत्तियां व देनदारी शामिल है। इनमें जमा राशि भी शामिल है। यह सब यूएसएफबी वहन करेगी। रिजर्व बैंक ने कहा कि इससे जमाकर्ताओं के हितों की बड़ी सुरक्षा हो सकेगी।
रिजर्व बैंक के अनुसार यूएसएफबी की स्थापना 1100 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ की गई है। जबकि बैंक लाइसेंसिंग नियमों के अनुसार इस तरह की बैंक की स्थापना के लिए सिर्फ 200 करोड़ रुपये की जरूरत होती है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि पीएमसी की विलय योजना के प्रारूप पर उसे 10 दिसंबर को शाम पांच बजे तक सुझाव और आपत्तियां भेजी जा सकती हैं। इसके बाद वह अधिग्रहण पर अंतिम रूप से विचार करेगी। सेंट्रम ग्रुप और भारतपे के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में 'यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड' ने एक नवंबर, 2021 से संचालन शुरू किया है।
2019 में भंग किया था पीएमसी बैंक का निदेशक मंडल
रिजर्व बैंक ने कई धांधलियों को देखते हुए सितंबर, 2019 में पीएमसी बैंक के निदेशक मंडल को भंग करते हुए उस पर कई पाबंदियां लगा दी थी। रिजर्व बैंक ने शुरू में उसके जमाकर्ताओं को मात्र एक हजार रुपये निकालने की अनुमति दी थी, जिसे बाद में उनकी समस्या को कम करते हुए एक लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया। जून 2020 में रिजर्व बैंक ने इस सहकारी बैंक पर नियामकीय प्रतिबंधों को और बढ़ाकर 22 दिसंबर 2020 तक कर दिया था।
HDIL को दिया था 73 फीसदी कर्ज
2019 में ही पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं के लिए निकासी सीमा भी घटा दी थी। बैंक पर ये अंकुश रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिए गए ऋण के बारे में सही जानकारी नहीं देने और अन्य गड़बड़ियों का पता लगाने के बाद लगाए गए थे। 19 सितंबर 2019 तक पीएमसी ने एचडीआईएल को 6,500 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज दिया हुआ था। यह बैंक के कुल ऋण का 73 फीसदी था। तब तक बैंक ने कुल 8,880 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था।
ईडी ने वधावन बंधुओं पर कसा था शिकंजा
ईडी ने इस मामले में अक्तूबर 2019 में एचडीआईएल, उसके कर्ताधर्ता राकेश कुमार वधावन, उनके बेटे सारंग वधावन, पूर्व चेयरमैन वारयम सिंह और पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इनके खिलाफ गिरफ्तारी व अन्य कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।
सितंबर में जब्त की थी 233 करोड़ की संपत्ति
ईडी ने सितंबर 2021 में पीएमसी बैंक घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) समूह के 233 करोड़ रुपये के शेयर जब्त किए थे। इन शेयरों के बदले एचडीआईएल के पास मुंबई के घाटकोपर में आर्यमान डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के 90,250 वर्ग फीट में निर्माणाधीन फ्लैट के आवंटन का अधिकार था।