भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास
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नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद शक्तिकांत दास दूसरा कार्यकाल पाने वाले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पहले गवर्नर बन गए हैं। 1980 बैच के आईएएस दास ने 10 दिसंबर 2018 को यह पद संभाला था। उनके अगले तीन साल के कार्यकाल का शनिवार को पहला दिन था। 10 दिसंबर को वो 26वें गवर्नर नियुक्त होंगे।
2018 में 25वें आरबीआई गवर्नर हुए थे नियुक्त
अपने पिछले कार्यकाल में दास को कुछ सबसे कठिन हालात का सामना करना पड़ा। शक्तिकांत दास ने 10 दिसंबर 2018 को रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार संभाला था। वह आरबीआई के 25वें गवर्नर बने। शक्तिकांत दास पूर्व वित्त सचिव और वित्त आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं ।
2018 में वो उर्जित पटेल की जगह ली थी। उर्जित पटेल सितंबर 2016 में RBI के 24वें गवर्नर नियुक्त हुए थे, लेकिन अपने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही निजी कारणों का हवाला देते हुए अचानक आरबीआई गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था।
कई अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं शक्तिकांत दास
26 फरवरी 1957 को जन्मे शक्तिकांत दास इतिहास विषय में एम.ए पासआउट हैं और तमिलनाडु कैडर के IAS अधिकारी हैं। वह वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स में जॉइंट सेक्रेटरी बजट, तमिलनाडु सरकार के राजस्व विभाग में कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर, तमिलनाडु के इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट में सेक्रेटरी और अन्य विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय से की है पढ़ाई
शक्तिकांत दास मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं, और उनका जन्म 26 फरवरी 1957 को भुवनेश्वर में हुआ। वे 1980 बैच के तमिलनाडु काडर के आईएएस अधिकारी हैं, और साथ ही वे वित्त आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं। शक्तिकांत दास को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है, जो जटिल मुद्दों पर आम सहमति बनाने में विश्वास रखते हैं। शक्तिकांत ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नात्कोत्तर किया। उस वक्त जब पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे, तब पहली बार साल 2008 में शक्तिकांत दास को संयुक्त सचिव के तौर पर नियुक्त किया गया था।