भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने मंगलवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही राह पर आगे बढ़ रही है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि भारत में महामारी के बाद के परिदृश्य में काफी तेज गति से आगे बढ़ने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन की वजह से मांग में जोरदार वापसी देखने को मिल रही है।
ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती से फायदा
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दिवाली से ऐन पहले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती का जो निर्णय लिया वो निश्चित तौर पर सराहनीय है। केंद्र के निर्णय के बाद कई राज्य सरकारों द्वारा वैट में हालिया कटौती से पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से लोगों को राहत मिली है।
इस निर्णय के बाद लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है, जो बदले में अतिरिक्त खपत के लिए जगह बनाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनियों को अनुकूल वित्तीय स्थितियों के बीच क्षमता का विस्तार करने और रोजगार व निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
बढ़ रहा एनपीए, बैंक सुधारें पूंजी प्रबंधन : दास
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बढ़ते एनपीए को लेकर बैंकों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जून के मुकाबले सितंबर में सकल एनपीए में उछाल दिखा है, जिससे निपटने के लिए बैंकों को पूंजी प्रबंधन में तत्काल सुधार करना होगा।
कोरोना महामारी के बाद मंगलवार को पहली बार किसी बैंकिंग कार्यक्रम में शामिल गवर्नर ने निवेश बढ़ाने का भी सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ ली है और निवेश चक्र दोबारा शुरू हो गया है। बैंकों को भी पूंजी लगाने की तैयारी कर लेनी चाहिए।
भारतीय बाजार अब महामारी के दबाव से पूरी तरह बाहर आ चुके हैं और निजी खपत में तेजी के साथ कारोबारी गतिविधियों ने भी गति पकड़ ली है। स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा, जिसमें दुनियाभर की कंपनियां और देश लगातार निवेश कर रहे हैं।
ईंधन-बिजली की खपत, परिवहन, माल ढुलाई, जीएसटी वसूली, निर्यात, उत्पादन, पीएमआई सहित लगभग सभी सूक्ष्म संकेतक अर्थव्यवस्था के तेज सुधारों की बानगी पेश कर रहे। लिहाजा चालू वित्तवर्ष में 9.5 फीसदी की विकास दर कतई मुश्किल नहीं है। इसके लिए बैंकिंग क्षेत्र को भी बड़ी भागीदारी निभानी होगी।
7 साल में आया रिकॉर्ड एफडीआई, आगे भी उम्मीद : गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया है कि मोदी सरकार के सात साल में देश को रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल हुआ और आगे भी इसमें तेजी की उम्मीद है। उन्होंने कहा, सरकार के बड़े ढांचागत सुधारों और कारोबारी सुगमता बढ़ाने से विदेशी कंपनियां भारतीय बाजार में पैसे लगाने के लिए आकर्षित हो रही हैं।
2021-22 में अप्रैल-जुलाई में 27 अरब डॉलर का एफडीआई मिला, जो पिछले साल से 62 फीसदी ज्यादा है। यूरोपीय संगठन, खाड़ी सहयोग परिषद, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया और यूएई सहित कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत चल रही है। इससे देश के व्यापार में और उछाल आएगा।