मार्च 2022 में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार देखने को मिला है। मांग की स्थिति मजबूत होने के चलते बीते महीने सेवा क्षेत्र का पीएमआई इंडेक्स 53.6 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, इस बीच इनपुट लागत 11 वर्षों में उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
आठवें महीने उत्पादन में तेजी
एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई इंडेक्स फरवरी में 51.8 के स्तर पर था, जो मार्च महीने में बढ़कर 53.6 पर आ गया है। गौरतलब है कि सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में यह इजाफा पिछले साल दिसंबर 2021 के बाद से विस्तार की सबसे मजबूत दर है। इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लगातार आठवें महीने सेवा क्षेत्र ने उत्पादन में तेजी देखी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर
गौरतलब है कि परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की भाषा में कहें तो इसका 50 से ऊपर रहना संबंधित क्षेत्र की गतिविधियों में विस्तार को प्रदर्शित करता है, जबकि इसका 50 के नीचे पहुंचना संकुचन को दर्शाता है। एस एंड पी ग्लोबल में एसोसिएट निदेशक पोलीन्ना डी लीमा ने बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं।
इनपुट लागत में तेज इजाफा
मार्च के परिणामों ने 11 वर्षों के लिए इनपुट लागत में सबसे तेज वृद्धि दिखाई, हालांकि इससे वसूली पर ब्रेक नहीं लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते सात महीनों में पहली बार, विनिर्माण उद्योग की तुलना में सेवा अर्थव्यवस्था में इनपुट मूल्य मुद्रास्फीति ज्यादा तेज थी। वहीं निजी क्षेत्र में, लागत का बोझ लगभग एक दशक में सबसे तेज गति से बढ़ा है।
प्रतिबंधों में ढील से राहत
लीमा ने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप को रोकने के लिए लागू किए गए प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद मांग में सुधार देखने को मिला है। यही कारण है कि उपभोक्ता बाहर जाने और खर्च करने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं। इस बीच सेवा प्रदाताओं ने 2022 में अब तक के नए व्यवसाय में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की और व्यावसायिक गतिविधि के भी परिणाम समान पाए गए हैं। हालांकि, महंगाई की चिंता ने धारणाओं को प्रभावित करने का काम जरूर किया है।