आरे जेवीएलआर से बीकेसी के बीच मेट्रो लाइन 3 का पहला खंड
मुंबई मेट्रो 3 परियोजना का पहला चरण 12 किलोमीटर से ज़्यादा लंबा है, जो आरे को चहल-पहल वाले बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) से जोड़ता है। यह बिल्कुल नया भूमिगत मार्ग साढ़े छह मिनट की फ्रिक्वेंसी होगी और यह 10 स्टेशन को कवर करेगी। हालांकि काम जारी रहने के करण दो एयरपोर्ट स्टेशन सीमित पहुंच के साथ खुलेंगे, जिसमें टर्मिनल 2 स्टेशन 6,45,835 वर्ग फुट टीओडी बिल्डिंग से दो स्तर नीचे होगा, जिसमें भारत के सबसे ऊंचे एस्केलेटर और अंधेरी की ओर तीन प्रवेश और निकास द्वार होंगे। फिलहाल 9 ट्रेन चलेगी जो 96 राउंड ट्रिप्स सेवाएं चलाना इसमें शामिल है। जिनका परिचालन समय सुबह 6 :30 बजे से रात 10:30 बजे तक (यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर) होगा। इसके साथ शनिवार और रविवार को 8:30 से रात 11 बजे तक चलेगी। आरे जेवीएलआर और बीकेसी स्टेशन के टिकट की कीमत 10 रुपये से शुरू होकर 50 रुपये होगी।
मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एमएमआरसी) की प्रबंध निदेशक अश्विनी भिडे ने बताया कि आरे से बीकेसी खंड में दस स्टेशन हैं ( दो हवाईअड्डे वाले सहित) और यहां नौ ट्रेनें उपयोग के लिए होंगी, जिनमें से दो को नियमित रखरखाव के लिए, एक को स्टैंड बाई के रूप में और सात अन्य को सक्रिय यात्री सेवा में रखा जाएगा। 33.5 किलोमीटर लंबा कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज़ मेट्रो-3 कॉरिडोर 26 भूमिगत स्टेशनों के साथ शहर में परिवहन परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने बताया कि हम महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना चाहते है, जिसके लिए शुरुआती चरण में 10 महिला ट्रेन कैपटन होंगी।
इंटरनेट और वाईफाई कनेक्टिवटी
उन्होंने बताया की भूमिगत स्टेशन में इंटरनेट और वाईफाई कनेक्टिवटी के लिए एयरटेल, वोडाफोन और जियो से बात चल रही है। हमारे कई स्टेशन पर एयरटेल की सेवाएं शुरू भी होगी गई है। हम एक साल में इंटरनेट और वाईफाई की पूरी कनेक्टिवटी की सुविधा यात्रियों को मुहैया करवाएगे। इसके साथ ही सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा भी रखा जा रहा है।
मुंबई मेट्रो स्टेशन के नाम बदले
मुंबई मेट्रो के कुछ स्टेशनों के नामों को बदल दिया गया है। भिडे ने बताया कि बांद्रा मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) मेट्रो स्टेशन कर दिया गया है, जिन प्रमुख स्टेशनों के नाम बदले गए हैं उनमें छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टी 1(पूर्व में डोमेस्टिक एयरपोर्ट), छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा टी2 (पूर्व में इंटरनेशनल एयरपोर्ट) और जगन्नाथ शंकर शेठ मेट्रो जो पूर्व में मुंबई सेंट्रल मेट्रो शामिल है। इसके साथ ही सात मेट्रो स्टेशन नॉटम (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) इसके तहत कम जगह होने पर टनल यानी सुरंग को काट कर उसको आगे बढ़ाया जाता है। इसका आकार ट्यूब अथवा सुरंग की तरह होता है। मुंबई में जगह कम होने के कारण मेट्रो के सात स्टेशनों को इसी तकनीक के तहत बनाया गया है। जिसमें चकाला, हुतात्मा चौक और कालबादेवी मुख्य है।
मुंबई मेट्रो लाइन 3 के बीकेसी से आरे जेवीएलआर खंड का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने बीकेसी से सांताक्रूज स्टेशन तक यात्रा की और वापस आये। इस दौरान उन्होंने छात्रों, महाराष्ट्र सरकार की लड़की बहिन योजना के लाभार्थियों और अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण में लगे मजदूरों से बातचीत की। उन्होंने यात्रियों के लिए मेट्रो कनेक्ट 3 एप को भी लॉन्च किया। साथ ही कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया। पीएम के साथ महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी थे।
महाराष्ट्र दौरे को लेकर पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले पर पूरे महाराष्ट्र में बेहद खुशी है। मुंबई में एक कार्यक्रम में शामिल हुआ। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले की सराहना की। लोग दशकों से इसकी मांग कर रहे हैं और मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि हमारी सरकार को इस अनुरोध को पूरा करने का अवसर मिला।