अमेरिका की वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो 10 मार्च को भारत-अमेरिका वाणिज्यिक वार्ता और भारत-अमेरिका सीईओ फोरम की बैठक के लिए भारत दौरे पर आईं हैं। इस दौरान उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ पीयूष गोयल से भी मुलाकात की। उनकी यात्रा को लेकर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में जीना रायमोंडो की चार दिवसीय यात्रा बहुत सफल रही। इस अवधि के दौरान हमारे पास आज सुबह अमेरिका-भारत वाणिज्यिक वार्ता और वाणिज्य सचिव के साथ द्विपक्षीय जुड़ाव के कई अवसर हैं।
एमओयू पर किए हस्ताक्षर
वहीं केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री जीना एम रायमोंडो ने शुक्रवार को भारत और अमेरिका ने भारत-यूएसए वाणिज्यिक वार्ता के दौरान सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला और नवाचार साझेदारी पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि शीर्ष अमेरिकी कंपनियां आज सीईओ फोरम की बैठक में हमारे सामने पेश होंगी। इससे भारत-अमेरिका व्यापार को व्यापार जुड़ाव में तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी। तीन साल के अंतराल के बाद भारत-अमेरिका वाणिज्यिक वार्ता का नवीनीकरण किया गया है।
दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए होंगे ठोस परिणाम
इस दौरान अमेरिकी वाणिज्य मंत्री जीना एम रायमोंडो ने कहा कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार करने की भारत की इच्छा और आपूर्ति श्रृंखला में इसकी उपस्थिति आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक लचीला बनाने के अमेरिका के लक्ष्य के अनुरूप है। साथ ही कहा कि पीयूष गोयल और मैं प्रतिबद्ध हैं कि इस वार्ता से दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ठोस परिणाम होंगे।
भारत की आकांक्षा अमेरिका के अनुरूप
रायमोंडो ने कहा कि अपने उन्नत विनिर्माण का विस्तार करने की भारत की आकांक्षा पूरी तरह से अमेरिका की इच्छा और उनके सप्लाई चेन को और अधिक लचीला बनाने के लक्ष्य के अनुरूप है। इस समझौते के साथ, अमेरिका भारत को इलेक्ट्रॉनिक सप्लाई चेन में एक बड़ी भूमिका निभाने की अपनी आकांक्षाओं को प्राप्त करते देखना चाहेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए समग्र इलेक्ट्रॉनिक सप्लाई चेन भी में अवसर हैं।
पीएम मोदी ने भारत को आकर्षक बनाया
संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में एक सवाल पर रायमोंडो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई कार्रवाइयों ने भारत को व्यापार करने के लिए और अभी आकर्षक बना दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कई तरह की घोषणाएं कर रहा है। अमेरिका की तरफ से अमेरिकी कंपनियों ने भारत में अच्छा खासा निवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा, आप उन घोषणाओं का छाप देखेंगे। भारत में अधिक पारदर्शिता, डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरें, ये सभी चीजें भारत को और अभी अधिक आकर्षक भागीदार बनाती हैं।
वित्त मंत्रालय ने भी दिया बयान
इससे पहले वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा था कि सीतारमण और रायमोंडो ने भारत-अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक और वित्तीय संबंधों पर केंद्रित ठोस और बहुआयामी संबंधों पर चर्चा की है। रायमोंडो 10 मार्च को भारत-अमेरिका वाणिज्यिक वार्ता और भारत-अमेरिका सीईओ फोरम की बैठक के लिए यहां आईं हैं। इस बैठक में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की जाएगी। इससे दोनों देशों के बीच नए व्यापार और निवेश के अवसरों खुलेंगे।
जयशंकर से भी हुई जीना रायमोंडो की मुलाकात
साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी गुरुवार को अमेरिका की वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो से मिले। दोनो नेताओं ने मुलाकात के दौरान रणनीतिक व्यापार, लचीली और विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला के साथ-साथ डिजिटल क्षेत्र में पारदर्शिता पर चर्चा की।