देश में नवंबर महीने में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि क्षेत्र की बढ़ती मांग और त्योहारी सीजन पड़ने के कारण पेट्रोल- डीजल की मांग में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई। नवंबर महीने में पेट्रोल की बिक्री 11.7 प्रतिशत बढ़कर 26.6 लाख टन हो गई जबकि पिछले साल इसी महीने में 23.8 लाख टन की खपत हुई थी। यह बिक्री कोविड से प्रभावित नवंबर 2020 की तुलना में 10.7 प्रतिशत अधिक और महामारी पूर्व नवंबर 2019 की तुलना में 16.2 प्रतिशत अधिक है।
अक्टूबर में त्योहारी सीजन के कारण पिछले महीने की तुलना में मांग में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले ईंधन डीजल की बिक्री पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 27.6 फीसदी बढ़कर नवंबर में 7.32 लाख टन हो गई। नवंबर 2020 की तुलना में डीजल की मांग में 17.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जबकि कोविड काल से पहले वर्ष 2019 के नवंबर महने की तुलना में इसमें 9.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। डीजल की मांग में सितंबर से हर महीने वृद्धि दिख रही है। अक्तूबर महीने के 6.25 मिलियन टन की तुलना में इसकी खपत 17.1 प्रतिशत बढ़ी है। पेट्रोल और डीजल की बिक्री जून महीने के बाद सबसे अधिक नवंबर महीने में हुई है।
एटीएफ हुआ सस्ता, 2.3 प्रतिशत कम किया गया भाव
पेट्रोलियम पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में नरमी को दर्शाते हुए गुरुवार को जेट ईंधन (एटीएफ) की कीमत में 2.3 प्रतिशत की कमी की गई है। लेकिन पेट्रोल और डीजल की दरें रिकॉर्ड आठवें महीने स्थिर बनी हुईं हैं। सरकार के स्वामित्व वाले ईंधन खुदरा विक्रेताओं की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत राष्ट्रीय राजधानी में 2,775 रुपये प्रति किलोलीटर या 2.3 प्रतिशत घटकर 1,17,587.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई।