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Pakistan: आर्थिक तंगी से घिरा पाकिस्तान चालू वित्त वर्ष में 30 अरब डॉलर का ऋण चुकाएगा, हर साल बढ़ रहा कर्ज

Mon, 14 Oct 2024 02:32 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pakistan Debt Crisis: जेएस ग्लोबल की रिपोर्ट में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि तंगी के हालात का सामना कर रहे पड़ोसी देश को चालू वित्त वर्ष में 26.48 अरब डॉलर का विदेशी ऋण चुकाना है। इस अवधि में ब्याज व्यय के रूप में 3.86 अरब डॉलर का भुगतान होना है।
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पाकिस्तान में जनाक्रोश (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के अनुसार चालू वित्त वर्ष में परिपक्व हो रहे विदेशी ऋण और ब्याज भुगतान के रूप में देश कुल 30.35 अरब डॉलर चुकाएगा। सोमवार को एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पड़ोसी देश के विदेशी ऋण और ब्याज भुगतान में हर साल इजाफा हो रहा है।

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समाचार पत्र ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने जेएस ग्लोबल की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि अगस्त, 2024 से जुलाई, 2025 तक 12 महीनों के भुगतान में वे महत्वपूर्ण ऋण शामिल हैं, जिन्हें द्विपक्षीय लेनदार हर साल आगे बढ़ाते हैं।

जेएस ग्लोबल की रिपोर्ट में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के आंकड़ों का हवाला दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान को 26.48 अरब डॉलर का विदेशी ऋण चुकाना है। इस अवधि में ब्याज व्यय के रूप में 3.86 अरब डॉलर का भुगतान होना है।
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पाकिस्तान के ऋणों का पुनर्भुगतान और ब्याज भुगतान 37 महीने की ऋण अवधि के माध्यम से नवीनतम सात अरब डॉलर की आईएमएफ विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) के तहत पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

हालांकि, ऋण और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुपात देखें तो विदेशी ऋण अगस्त, 2024 में 20.2 प्रतिशत तक कम हुआ है, यह पिछले वर्ष के इसी महीने में 27.6 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2022-23 में पिछड़ने के बाद वित्त वर्ष 2023-24 में देश की अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है।

हालांकि, आंकड़ों बताते हैं कि विदेशी ऋण की अदायगी और ब्याज भुगतान हर साल बढ रहे हैं, जिससे सरकार के आर्थिक प्रबंधकों, योजनाकारों और सांसदों को विदेशी आय बढ़ाने और बाहरी व्यय में कटौती करने के तरीके खोजने पर जोर देना होगा।

शोध संस्थान जेएस ग्लोबल के अनुसार, नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 30 अरब डॉलर की राशि पिछले 12 महीनों (अगस्त, 2023 से जुलाई, 2024) के दौरान देश की ओर से भुगतान किए गए 21.2 अरब डॉलर (रोलओवर सहित) की तुलना में काफी अधिक है।

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