पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। हालात इस कदर खराब होते जा रहे हैं कि सरकार ने अपने लोगों से चाय के इस्तेमाल में कटौती की अपील की है। देश के योजना और विकास मंत्री अहसान इकबाल ने जनता से कहा है कि पाकिस्तान कर्ज लेकर चाय का आयात कर रहा है और इस कदम से आयात खर्च कम करने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इकबाल ने कहा कि मैं देश के लोगों से रोजाना एक या दो कप चाय का सेवन कम करने का आग्रह करता हूं, क्योंकि हम उधार लेकर चाय का आयात कर रहे हैं। इस समय ऐसा कदम उठाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही मंत्री ने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा है कि देश में बिजली संकट गहराया हुआ है, ऐसे में बाजारों को 8.30 बजे तक बंद कर दिया जाए।
हाल ही में पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने चेतावनी देते हुए पाकिस्तान के आर्थिक हालातों की तुलना श्रीलंका से की थी। गौरतलब है कि पाक सरकार ने बीते माह आयात खर्च कम करने के लिए 41 सामानों के आयात पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, इन प्रतिबंधों से आयात बिल में महज 60 करोड़ डॉलर की कमी आई है, जो कि कुल आयात खर्च का पांच फीसदी है।
गत वित्त वर्ष की तुलना में किया 13 अरब रु. का ज्यादा आयात
गुजरे वित्तीय वर्ष के संघीय बजट दस्तावेज से पता चलता है कि पाकिस्तान ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 13 अरब रुपये (छ7 करोड़ डॉलर) अधिक चाय का आयात किया। न्यूज नेटवर्क इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि 2020-21 में चाय के आयात पर 70.82 अरब रुपये (34 करोड़ डॉलर) खर्च किए गए।
ट्विटर पर मजाक, किस नीति से कश्मीर लेंगे
इकबाल की चाय की खपत में एक से दो कप की कटौती करने की अपील लोगों को पसंद नहीं आई। उन्होंने ट्विटर पर मजाक बनाया कि देश को चाय के कप घटाने का सुझाव देने वाले मंत्री किस नीति के तहत कश्मीर को लेंगे? एक यूजर ने लिखा, क्या अहसान इकबाल ने वास्तव में हमसे चाय की खपत घटाने को कहा? क्या वे वास्तव में सोचते हैं कि हम इतने मूर्ख हैं?
चाय का एक कप 30 से 40 रुपये में
पाकिस्तान में चाय की हकीकत यह है कि देश में दूध के दाम 126 रुपये प्रति लीटर हैं जबकि चाय पत्ती 900 रुपये किलो है। चीनी के दाम 100 रुपये प्रति किलो हैं। ऐसे में देश में चाय की कीमत 30 से 40 रुपये प्रति कप पड़ती है।
41 चीजों के आयात पर 2 माह की रोक
पाकिस्तान की सरकार ने हाल ही में अपना आयात खर्च घटाने के लिए 41 चीजों के आयात पर 2 महीने के लिए रोक लगा दी थी। हालांकि इस आयात प्रतिबंध से खजाने में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे पाकिस्तान को अपना आयात बिल घटाने में करीब 60 करोड़ डॉलर का फायदा हुआ है।