बाजार नियामक सेबी की एक उच्च स्तरीय कमिटी ने कहा कि पीएसीएल के निवेशकों को पैसा वापस लेने के लिए ओरिजिनल पंजीकरण प्रमाणपत्र देना होगा। यह कागजात 30 जून तक जमा कराया जा सकता है। यह तभी जमा करना होगा, जब सेबी के पास से निवेशकों को मैसेज मिलेगा। यह केवल उन्हीं निवेशकों के लिए लागू होगा, जिनकी दावे की रकम 10,001 से 15,000 रुपये के बीच है और जिनका आवेदन सत्यापित हो चुका है।
सेबी ने एक अप्रैल, 2022 से ओरिजिनल प्रमाणपत्र स्वीकार करने की शुरुआत कर दी है। पीएसीएल के निवेशकों को पैसा वापस देने के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर.एम लोढ़ा की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया गया था। यह पैनल ही इस मामले में फैसला ले रहा है।
पीएसीएल की संपत्तियां बेचकर दिया जाएगा पैसा
सेबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, वह पीएसीएल की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों को पैसा देने की योजना पर काम कर रहा है। इसने कई चरणों में पहले भी पैसा वापस दिया है। पीएसीएल (पर्ल ग्रुप) ने कृषि और रियल इस्टेट बिजनेस के नाम पर अवैध कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (सीआईएस) के जरिये 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम निवेशकों से जुटाए थे। यह रकम 18 सालों में जुटाई गई थी।
स्पीड पोस्ट के जरिये भेज सकते हैं प्रमाणपत्र
पीएसीएल निवेशक प्रमाणपत्र को स्पीड पोस्ट के जरिये सेबी के मुंबई कार्यालय में भेज सकते हैं। दिसंबर, 2015 में सेबी ने पीएसीएल और इसके 9 प्रवर्तकों और निदेशकों की सभी संपत्तियों को कब्जा करने का आदेश दिया था। साथ ही पीएसीएल की सभी स्कीम को बंद करने का भी आदेश दिया गया था।