पहले पेज पर दिखेंगे सभी तरह के रिव्यू
फेक रिव्यू पर जारी निर्देशों के तहत अब सभी तरह की रेटिंग वाले रिव्यू पहले ही पेज पर दिखाने होंगे, सिर्फ 5 स्टार वाले ही नहीं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, देश में ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ा, लेकिन उत्पाद छूकर देखने, जांचने और ठोक-बजाकर खरीदने को नहीं मिलते।
लोग कंपनियों, ई-कॉमर्स वेबसाइट और सोशल मीडिया मंच पर दूसरे ग्राहकों द्वारा की गई समीक्षा के आधार पर टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन आदि खरीदते हैं। कई बार समीक्षाएं फर्जी होती हैं। अब इन्हें रोकने के लिए खुद ई-कॉमर्स कंपनियों, उद्योग से जुड़े लोगों, उपभोक्ता संगठनों व विधि विशेषज्ञों की मदद से फ्रेमवर्क बनाया गया। मंत्रालय के अनुसार भारत ऐसा करने वाला पहला देश है।
फेक रिव्यू : फ्रेमवर्क की प्रमुख बातें...
- उत्पाद या सेवा को स्टार कैसे दिए, इसे बताएं।
- प्रतिस्पर्धी कंपनियां नकात्मक रिव्यू करवाएं तो इन्हें भी व्यापक व्यवस्था बनाकर रोकना होगा।
- प्रकाशन में रिव्यू की मूल भावना शुरुआत में ही नजर आनी चाहिए, ऐसा न हो कि पहले वाक्य में सकारात्मक बात हो व नकारात्मक जानकारियां आगे तीन डॉट लगाकर व्यू-मोर में छिपा दी जाएं।
- कंपनियों को रिव्यू की भाषा सुधारनी होगी, अपशब्द नहीं चलेंगे। ऑटोमेटेड और मैनुअल मॉडरेशन भी जरूरी।
- अनुवाद के साथ मूल भाषा में भी रिव्यू दें ताकि इनमें बदलाव की शंका न रहे।
- रिव्यू करने वाले की अनुमति के बिना पहचान उजागर न हो। नकारात्मक रिव्यू पर कंपनी नुकसान न पहुंचाए।