केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार किसी उद्योग को बंद नहीं करेगी और ऑटो उद्योग के वह खिलाफ नहीं हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि मोटर वाहन उद्योग पारंपरिक जीवाष्म ईंधन के बजाय पर्यावरण अनुकूल ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दे।
बुधवार को यहां ऑटोमेटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (एक्मा) के 58वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि कोई भी इस भुलावे में नहीं रहे कि परिवहन क्षेत्र के लिए सरकार की नीतियां स्पष्ट नहीं है। सरकार एक तरफ तो आयात घटाना चाहती है, जबकि दूसरी तरफ निर्यात में बढ़ोतरी करना चाहती है। इसके साथ ही सरकार प्रदूषण पर भी गहरा प्रहार करने के मूड में है। इसलिए जो भी संभव कदम हो, सरकार उठाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऑटो उद्योग के खिलाफ नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के सम्मेलन में, गडकरी ने कहा था कि वह प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर बुलडोजर चलवा देंगे। उस समय उन्होंने सभी मोटर वाहन निर्माताओं को इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्लेटफार्म पर आने का संदेश दिया था। इसके बाद ऑटो उद्योग में उनके बयान की आलोचना हुई थी कि सरकार की नीतियां स्पष्ट नहीं हैं।
एक्मा के कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री ने कहा कि भारत अभिनव उत्पादों को लाने में सक्षम है और इस दिशा में आगे बढ़ कर काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और जल्द ही यह तीसरे स्थान पर होगा। सियाम के कार्यक्रम में दिए गए बयान को याद करते हुए गडकरी ने कहा कि पिछले साल मोटर वाहन उद्योग के बहुत सारे लोग उस बयान से नाखुश थे। लेकिन वह आश्वस्त करना चाहते हैं कि वह इसके खिलाफ नहीं हैं और वह किसी भी उद्योग को बंद नहीं करेंगे।
खुले रहने चाहिए सभी विकल्प : मारुति
इस कार्यक्रम में मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक केनिची आयुकावा ने कहा कि चाहे इलेक्ट्रिक कार की बात हो, हाइब्रिड की बात हो, इथेनॉल और मेथनॉल की बात हो, हमें सभी विकल्पों को खुला रखना चाहिए। मोटर वाहन बनाने वाली कंपनियों को इन सभी क्षेत्रों की नई तकनीक में निवेश करना और क्षमता बढ़ाने के लिए काम करना होगा।
हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी भी नई तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए उससे संबंधित पर्याप्त ढांचागत संरचना का निर्माण करना भी जरूरी होता है। यदि यहां ई-व्हीकल को बढ़ावा देना है तो बैटरी की उपलब्धता से लेकर ई-व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन तक का इंतजाम करना होगा।