सेबी ने फाइनेंशियल इन्फ्लूएंसर्स को लेकर नियम तय कर दिए हैं। अब गैर-पंजीकृत फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए सलाह नहीं दे पाएंगे। निवेशक शिक्षा में इन प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी। इन फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर को सेबी के पास पंजीकरण कराना होगा। साथ ही, तय नियमों का पालन भी करना होगा।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रमुख माधबी पुरी बुच ने बृहस्पतिवार को बोर्ड की बैठक के बाद बताया कि म्यूचुअल फंड और शेयर ब्रोकरों के साथ साझेदारी पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। विनियमित संस्थाएं यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगी कि जिन व्यक्तियों के साथ वे संबद्ध हैं, वह बाजार नियामक के तय नियमों का पालन करते हैं, जिसमें सुनिश्चित रिटर्न के वादों से बचना भी शामिल है। सेबी ने नए नियम लागू करने से पहले सभी पक्षकारों और उद्योगों से सलाह मांगी थी। उसके बाद ही फाइनेंशियल इन्फ्लूएंसर्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया।
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डिस्क्लेमर डालकर बचना अब संभव नहीं : दरअसल, फिनफ्लुएंसर्स जवाबदेही से बचने के लिए हर ट्वीट, वीडियो और पोस्ट में डिस्क्लेमर डाल देते हैं कि वह सेबी से पंजीकृत नहीं हैं। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सेबी ने साफ किया कि ऐसा करने मात्र से जिम्मेदारी पूरी नहीं होगी। दरअसल, फिनफ्लुएंसर्स गैर-अंग्रेजी भाषी दर्शकों को आकर्षित करने के लिए हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री बनाते हैं।