राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स की रिलायंस कैपिटल के अधिग्रहण के लिए 9,650 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंगलवार को मंजूरी दे दी।
एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने कर्ज में डूबी कंपनी के लिए बोली लगाने के दूसरे दौर में जून 2023 में आईआईएचएल (इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड) की ओर से प्रस्तुत योजना को मंजूरी दी थी। इस मामले में विस्तृत आदेश बाद में दिन में आने की उम्मीद है।
नवंबर 2021 में, रिजर्व बैंक ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को शासन से जुड़े मुद्दों और भुगतान में चूक के कारण निलंबित कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने नागेश्वर राव वाई को प्रशासक नियुक्त किया था, जिन्होंने कंपनी को संभालने के लिए फरवरी 2022 में बोलियां आमंत्रित की थीं।
रिलायंस कैपिटल पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था और शुरुआत में चार आवेदकों ने समाधान योजना के साथ बोली लगाई थी। हालांकि, लेनदारों की समिति ने कम बोली मूल्यों के लिए सभी चार योजनाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद एक नई प्रक्रिया के तहत आईआईएचएल और टोरेंट इन्वेस्टमेंट्स ने बोली लगाई थी।
जून 2023 में, हिंदुजा ग्रुप के फर्म को समिति की ओर से 9,661 करोड़ रुपये की अग्रिम नकदी की बोली के लिए चुना गया था। इस प्रक्रिया के तहत रिलायंस कैपिटल का अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये का नकद शेष भी कर्जदाताओं को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।