नाबार्ड चेयरमैन ने कहा कि यह पहली बार है कि ट्रिपल ए रेटिंग वाले घरेलू निर्गम है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि बाजार के अन्य भागीदार भी इस पर ध्यान देंगे। नाबार्ड के ग्रीन बॉन्ड्स की लिस्टिंग पर शाजी ने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल के अंत तक उनकी लिस्टिंग हो जाएगी।
नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलेपमेंट (नाबार्ड) ने शुक्रवार को देश का पहला सामाजिक बॉन्ड शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया। इस बॉन्ड के जरिए नाबार्ड ने बाजार से हजार करोड़ रुपये जुटाए। नाबार्ड के बॉन्ड को शुक्रवार को बीएसई पर सूचीबद्ध किया गया, जिसमें 7.63 प्रतिशत की कूपन दर पर 1040 रुपये की बोलियां स्वीकार की गईं। इसका मतलब ये है कि नाबार्ड के बॉन्ड पर सालाना 7.63 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। नाबार्ड के चेयरमैन शाजी केवी ने यह जानकारी दी।
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बता दें कि सामाजिक बॉन्ड एक निश्चित आय प्रतिभूतियां हैं, जिनकी आय नई और मौजूदा सामाजिक प्रभाव परियोजनाओं को वित्तीय मदद देने के लिए निर्धारित की जाती है। शाजी केवी ने कहा कि हम यह आंकने की कोशिश कर रहे थे कि बाजार में पर्याप्त मांग है या नहीं। हमने पाया कि बाजार में इन निर्गमों को लेकर काफी उत्साह है और हमें 2.86 गुना ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला है। बॉन्ड हजार करोड़ रुपये का था, जिसमें ग्रीनशू विकल्प 300 करोड़ रुपये था।
नाबार्ड चेयरमैन ने कहा कि यह पहली बार है कि ट्रिपल ए रेटिंग वाले घरेलू निर्गम है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि बाजार के अन्य भागीदार भी इस पर ध्यान देंगे। नाबार्ड के ग्रीन बॉन्ड्स की लिस्टिंग पर शाजी ने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल के अंत तक उनकी लिस्टिंग हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रीन बॉन्ड के लिए काफी ज्यादा दस्तावेज चाहिए होते हैं और निवेशकों की पहचान के लिए भी काफी डाटा की जरूरत पड़ती है। इसके लिए काफी काम करने की जरूरत पड़ेगी।