कोरोना महामारी का देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। जीनियस कंसल्टेंट्स की ‘सडेन राइज ऑफ रूरल इंप्लायमेंट’ की सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे सभी क्षेत्र और उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सर्वे में शामिल 57% से कंपनियों का मानना है कि एमएसएमई में सुधार को रोजगार के मोर्चे पर राहत मिलेगी।
देश की आधी से ज्यादा कंपनियों को भरोसा है कि लघु, सूक्ष्म एवं मझोले उद्यमों में सुधार से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा। जीनियस कंसल्टेंट्स की ‘सडेन राइज ऑफ रूरल इंप्लायमेंट’ की सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी का देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। इससे सभी क्षेत्र और उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा एमएसएमई को झटका लगा है। सर्वे में शामिल 57% से कंपनियों का मानना है कि एमएसएमई में सुधार को रोजगार के मोर्चे पर राहत मिलेगी। 14.3% का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ने की प्रमुख वजह लॉकडाउन है, जबकि 14.3% ने इसके लिए बढ़ते संक्रमण को जिम्मेदार बताया। 85 फीसदी से ज्यादा का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से विनिर्माण क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है, जिसकी ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ाने की अहम भूमिका रही।
आर्थिक गतिविधियों में जल्द तेजी लाना जरूरी
जीनियस कंसल्टेंट्स के चेयरमैन एवं एमडी आरपी यादव का कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक व कारोबारी गतिविधियां ठप हैं। इसका असर रोजगार पर पड़ा। हालांकि, महामारी से पहले भी ग्रामीण बेरोजगारी हमेशा एक बड़ी चिंता रही है। कारोबार एवं विनिर्माण धीमा होने की वजह से हालात और खराब हो गए हैं। देश के ग्रामीण हिस्सों में रोजगार के मौके को बढ़ाने के लिए तेजी से प्रयास करने की सख्त जरूरत है।