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Repo Rate: 'जून की एमपीसी बैठक में आरबीआई कर सकता है रेपो रेट में कटौती की शुरुआत', मॉर्गन स्टेनली का अनुमान

Wed, 21 Feb 2024 06:49 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Repo Rate: आरबीआई आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष में छह द्विमासिक बैठकें आयोजित करता है। इस दौरान ब्याज दरों, मुद्रा आपूर्ति, मुद्रास्फीति दृष्टिकोण और विभिन्न व्यापक आर्थिक संकेतकों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
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morgan stanley - फोटो : social media
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विस्तार
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मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक जून 2024 से दरों में कटौती शुरू कर देगा इस दौरान खुदरा और थोक मुद्रास्फीति दोनों के आंकड़े प्रबंधनीय स्तर पर बने रहेंगे। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने फरवरी में अपनी समीक्षा बैठक में सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है और लगातार छठी बार यथास्थिति बनाए रखा है। रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को कर्ज देता है।

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आरबीआई आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष में छह द्विमासिक बैठकें आयोजित करता है। इस दौरान ब्याज दरों, मुद्रा आपूर्ति, मुद्रास्फीति दृष्टिकोण और विभिन्न व्यापक आर्थिक संकेतकों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
 
प्रमुख निवेश बैंकर मॉर्गन स्टेनली ने उपासना छाचरा और बानी गंभीर की ओर से लिखित एक रिपोर्ट 'इंडिया इकोनॉमिक्स- मैक्रो इंडिकेटर्स चार्टबुक: स्ट्रेंथ इन ग्रोथ, स्टेबिलिटी इन मैक्रो-फंडामेंटल्स' में कहा है कि आरबीआई जून 2024 से रेपो रेट में 50 आधार अंकों की कटौती की शुरुआत कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, "... हम उम्मीद से अधिक मजबूत ऋण वृद्धि को लेकर सतर्क बने हुए हैं, रेपो रेट में कटौती की शुरुआत होने में देरी कर सकता है।"
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खुदरा मुद्रास्फीति की दर जनवरी में तीन महीने के न्यूनतम स्तर 5.1% पर आ गई, जो दिसम्बर में 5.7% पर थी। थोक मुद्रास्फीति जनवरी में सालाना आधार पर 0.3% तक कम हो गई, जो पिछले महीने में 0.7% थी। हालांकि भारत में खुदरा मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के लक्ष्य 2 से 6 प्रतिशत के बीच है। मुद्रास्फीति में को देखते हुए केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कटौती पर विचार कर सकता है। मुद्रास्फीति उन्नत अर्थव्यवस्थाओं सहित कई देशों के लिए चिंता का विषय रही है, लेकिन भारत काफी हद तक अपनी मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने में कामयाब रहा है।

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