प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के जरिये 10 वर्षों में भारतीयों की महत्वाकांक्षाओं को भारी प्रोत्साहन मिला है। एक दशक पहले इस दूरदर्शी योजना को हर भारतीय के लिए जीवन बीमा को सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के एक सरल एवं शक्तिशाली मिशन के साथ लॉन्च किया गया था। आज, हम न सिर्फ उस नीति को देखते हैं, जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है, बल्कि एक ऐसे मूवमेंट को भी देखते हैं, जिसने लाखों भारतीयों के जीवन को बदल दिया है।
2.50 लाख से ज्यादा पंचायतों के सदस्य जुड़े बदल रहा ग्रामीण भारत में बीमा का परिदृश्य
बेहद प्रभावशाली पीएमजेजेबीवाई के जरिये देश के हर कोने में जागरूकता काफी बढ़ गई है। आज, इस योजना में विभिन्न राज्यों की 2.50 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतों के सदस्य शामिल हैं, जो वंचित आबादी को जरूरी वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराकर ग्रामीण भारत के बीमा परिदृश्य को बदलने में मदद कर रही है। साथ ही, बीमा की सुलभता बढ़ाने के लिए रणनीतिक खाका प्रदान कर रही है।
महिलाओं के बीमा कवरेज में सुधार
इस योजना के कारण एक और बड़ा बदलाव यह हुआ है कि महिलाओं के जीवन बीमा कवरेज में सुधार हुआ है। इस योजना ने ग्रामीण भारत की बढ़ती मांगों और महिला आबादी के कवरेज की जरूरतों को पूरा किया है। देश की आर्थिक गतिविधियों में उनका योगदान महत्वपूर्ण है और हर साल बढ़ रहा है। इस योजना ने वित्तीय समावेशन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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संभावित शोषण से मिली जरूरी सुरक्षा
अमित झिंगरन बताते हैं, बैंक के सर्किल हेड के रूप में मैंने ग्रामीणों के बीच बैंकिंग और वित्तीय उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए संध्या शिविर नामक ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रम में भाग लिया था। शिविरों में, मैंने उन परिवारों की दुर्दशा देखी, जिन्होंने एकमात्र कमाने वाले को खो दिया। लेकिन, पीएमजेजेबीवाई दावा राशि के सुनिश्चित वित्तीय समर्थन से उन परिवारों को उम्मीद और संभावित शोषण से जरूरी सुरक्षा मिली।
पूंजी की जरूरत कम करने से सरकार के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में मिली मदद