चालू खाता घाटा बढ़ा
फिलहाल चालू खाता घाटा के अनुमान को केंद्र सरकार ने मार्च 2020 तक बढ़ाकर के 3.4 फीसदी कर दिया है। आय कम होने की वजह से सरकार बैंकों से कर्ज ले रही है। वहीं उसने आरबीआई से भी कहा है कि वो खर्चों को पूरा करने के लिए उसको ज्यादा पैसा दे। अगर यह घाटा बढ़ता है तो फिर देश की क्रेडिट रेटिंग पर काफी असर पड़ने की संभावना है।
फिच ने किया यह आकलन
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच ने आकलन किया है कि वित्तीय हालात को सुधारना केंद्र सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। अभी सरकार ने आय बढ़ाने के साधनों पर रोक लगा रखी है, जिस पर कुछ करना चाहिए। वहीं किसानों को हर साल छह हजार रुपये देने की घोषणा से भी खजाने पर असर पड़ेगा।
सड़क, रेलवे पर खर्च
फिलहाल केंद्र सरकार पूरे देश में हाईवे और रेलवे का जाल बिछा रही है। मार्च 2019 तक सरकार ने एक लाख 20 हजार करोड़ रुपये का खर्च इस पर किया था। इस तरह से लोगों को रोजगार तो मिल रहा है, लेकिन कई हाईवे अभी भी बन रहे हैं, जिनको पूरा होने में कम से कम दो साल और लगेंगे। ऐसे में यहां पर खर्च और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
नोटबंदी, जीएसटी से टूटी थी कमर
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में नोटबंदी और जीएसटी से अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई थी। हालांकि आईबीसी, लालफीता शाही को खत्म करने व ई-वे बिल लाने से निवेशकों में विश्वास भी बढ़ा था।