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Modi Cabinet Decision: घरेलू कच्चा तेल उत्पादक अपने उत्पादों की कर सकेंगे मार्केटिंग, सरकार ने दी छूट

Wed, 29 Jun 2022 04:42 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक अक्टूबर से प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स (PSC) के तहत सरकार या उसके नामित या सरकारी कंपनियों को कच्चा तेल बेचने की शर्त माफ कर दी जाएगी।
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अनुराग ठाकुर - फोटो : ANI
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विस्तार
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सरकार ने बुधवार को घरेलू कच्चा तेल उत्पादकों को अपने उत्पादों की मार्केटिंग करने की छूट देने का फैसला किया है। अब घरेलू तेल उत्पादक जिसे चाहें उसे तेल बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में बताते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मंत्रिमंडल ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल की मार्केटिंग और बिक्री को मंजूरी दे दी है।

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एक अक्टूबर से प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स (PSC) के तहत सरकार या उसके नामित या सरकारी कंपनियों को कच्चा तेल बेचने की शर्त माफ कर दी जाएगी। अब घरेलू कच्चा तेल उत्पादक जिसे चाहें उसे अपना तेल बेच सकेंगे। 

सरकार के इस फैसले से कच्चे तेल के कारोबार में लगी घरेलू कंपनियों को फायदा पहुंचेगा। पहले उनके ऊपर सरकारी कंपनियों को अपना उत्पाद बेचने की बंदिश थी अब सरकार के इस फैसले से वे अपने उत्पाद की मार्केटिंग तो कर ही सकेंगे साथ ही जिसे चाहे उसे बेच भी सकेंगे।
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केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह भी बताया है कि सरकार 2516 करोड़ की लागत से देश के सभी प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (PACS) को कम्प्यूटरीकृत करेगी। देश में वर्तमान में 63000 PACS काम कर रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा है कि ऐसा करने से उनके कामकाज की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।

प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के डिजिटलीकरण को कैबिनेट की मंजूरी, 15 लाख से ज्यादा को मिलेगा रोजगार
सरकार ने सहकारिता को मजबूती देने के लिए प्राथमिक ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद पैक्स की दक्षता बढ़ाने के साथ ही उनके कामकाज में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही को तय करना है। इस योजना के तहत पांच साल के भीतर 2516 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र सरकार 1,528 करोड़ रुपये देगी।

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री अनुराग ठाकुर ने फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे 15 लाख से ज्यादा रोजगार सृजित होंगे। कहा कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी में सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब पैक्स कृषि की आर्थिक जरूरतों के लिए व्यापक दृष्टिकोण के साथ काम कर सकेंगी।

इससे छोटे किसानों की आर्थिक जरूरतें पूरी होंगी। राज्य अपनी जरूरत के अनुरूप सॉफ्टवेयर को अपना सकेंगे। इसकी मदद से मौजूदा और पुराने रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इस समय 63,000 पैक्स के सदस्य के रूप में 13 करोड़ किसान हैं। ज्यादातर पैक्स मैनुअल चल रही हैं।

सरकार का यह स्वागत योग्य फैसला है। पैक्स का डिजिटलीकरण देश की अर्थव्यवस्था के लिए अंतिम स्थान तक किसानों को जोड़ेगा। - यूएस अवस्थी, प्रबंध निदेशक, इफको

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम कर सकेगी सीडीआरआई
आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के गठबंधन (सीडीआरआई) अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर सकेगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक ने बुधवार को सीडीआरआई को एक ‘अंतर्राष्ट्रीय संगठन’ के रूप में वर्गीकृत करने और सीडीआरआई के साथ मुख्यालय समझौते पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दे दी।

भारतीय वैज्ञानिकों को भी विदेशी विशेषज्ञों से सलाह का मौका मिलेगा  सीडीआरआई के अंतरराष्ट्रीय दर्जे से भारतीय वैज्ञानिकों व तकनीकी संस्थानों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के डेवलपर्स को भी वैश्विक विशेषज्ञों के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। यह भारत की अपनी क्षमताओं और तंत्र के निर्माण में मदद करेगा।

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