देश में अप्रैल-जून तिमाही में दुनिया में सबसे ज्यादा नौकरियां मिलने की उम्मीद है। करीब 36 फीसदी घरेलू कंपनियां अप्रैल-जून में भर्ती कर सकती हैं। मैनपावर ग्रुप की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 34 फीसदी और चीन में 32 फीसदी कंपनियां कर्मचारियों को नौकरी दे सकती हैं। जापान 11 फीसदी और ताईवान में 12 फीसदी भर्तियां हो सकती हैं। इस मामले में रोमानिया सबसे पीछे है, जहां दो फीसदी लोगों की छंटनी की आशंका है। इस दौरान वैश्विक औसत 22 फीसदी रहने का अनुमान है। यह सर्वे रिपोर्ट 42 देशों की 3,150 कंपनियों में होने वाली भर्तियों के विश्लेषण पर आधारित है।
भारत में धारणा सबसे मजबूत
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के 42 देशों के बीच भारत में सबसे ज्यादा मजबूत धारणा है। जो ज्यादा बड़ी कंपनियां हैं, वे 44 फीसदी भर्तियां कर सकती हैं। उसके बाद बड़े संगठन (43 फीसदी) और बड़े उद्यमों (40 फीसदी) का स्थान आता है। 33 फीसदी कंपनियां कोई भर्ती नहीं करेंगी। 14 फीसदी कंपनियां छंटनी कर सकती हैं, जबकि तीन फीसदी ने अभी तक कोई योजना नहीं बनाई हैं।
इन क्षेत्रों में होंगे सर्वाधिक मौके
हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंस क्षेत्र में सर्वाधिक 44 फीसदी भर्तियां हो सकती हैं। कम्युनिकेशन सेवा क्षेत्र में 43 फीसदी, सूचना प्रौद्योगिकी में 41 फीसदी और ऊर्जा-यूटिलिटी में 20 फीसदी भर्तियां हो सकती हैं।
उत्तर भारत में सबसे ज्यादा नौकरियां
उत्तर भारत की कंपनियां 40 फीसदी भर्ती करेंगी। पश्चिमी भारत की कंपनियां 35 फीसदी, दक्षिण भारत की 33 फीसदी और पूर्वी भारत की कंपनियां 30 फीसदी भर्ती करेंगी।
प्रतिभा की कमी, फिर भी परिदृश्य बेहतर
मैनपावर ग्रुप में प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा, भारत में प्रतिभाओं की कमी 80 फीसदी तक पहुंच गई है। फिर भी, भर्ती के मामले में भारत शीर्ष पर है। सालाना आधार पर भारत का शुद्ध रोजगार परिदृश्य 6 फीसदी मजबूत है।