देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का खतरा अभी भी टला नहीं है। हरियाणा, दिल्ली, बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया है। ऐसे में उद्योग मंडल एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा है कि, 'हम अपने सभी सदस्यों के संपर्क में हैं। कई नाइट्रोजन प्लांट को ऑक्सीजन जनरेटर में बदलने के तरीके पूछ रहे हैं। जो लोग चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहे हैं, उनके संयंत्र बिना बिजली की रुकावट के चलते रहेंगे।'
आगे दीपक सूद ने कहा कि, 'लॉकडाउन अब चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। अभी, मुझे नहीं लगता है कि हमें केवल अर्थव्यवस्था के बारे में बात करनी चाहिए। लघु और मध्यम उद्योग इस देश के आजीविका निर्माता हैं। इसके अस्तित्व पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।'
इससे पहले पिछले महीने उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा था कि एसोचैम ने मंगलवार को बयान में कहा कि टीकाकरण तेज होने से कोविड-19 के मामले घटेंगे और अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार रफ्तार पकड़ सकेगा। इससे लोगों की आजीविका को बचाने में मदद मिलेगी।
मालूम हो कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के नए मामलों और ठीक होने वाले मामलों में अंतर लगभग एक लाख है। भारत सरकार की तरफ से राज्यों को 52.64 लाख रेमडेसिविर की शीशी, 45066 वेंटिलेटर, 176.91 लाख पीपीई किट और 422.79 लाख N-95 मास्क दिए जा चुके हैं। भारत सरकार ने आंकड़े जारी करते हुए जानकारी दी कि देश में कोरोना के दैनिक मामले 26 दिन बाद तीन लाख से कम आए हैं। मौजूदा समय में देश में पॉजिटिविटी रेट 18.17 फीसदी हो गया है।