रिलायंस समूह, फ्यूचर समूह और अमेजन के बीच होने वाली ‘होली मिलन’ अब ‘महाभारत’ में बदल गई है। इस महाभारत के केंद्र में कुछ और नहीं बल्कि भारतीय खुदरा बाजार है, जिसका बादशाह बनने की जंग रिलायंस व अमेजन में चल रही है। इसमें फ्यूचर समूह भी एक साल से ज्यादा समय से पिस रहा है।
अमेजन : फ्यूचर की खुदरा संपत्तियों पर विशेष अधिकार
अमेजन का कहना है कि 2019 में किए गए विभिन्न समझौतों ने उसे फ्यूचर समूह की खुदरा संपत्तियों पर उसे विशेष अधिकार दिए हैं। इनमें से कुछ समझौते इस उम्मीद पर किए गए थे कि भारत विदेशी निवेशकों को नियमों में कुछ ढील देगा। लेकिन, यह संभावना भी खत्म हो गई।
फ्यूचर : रिलायंस से सौदे में कुछ भी गलत नहीं किया
फ्यूचर समूह ने इस मामले में कुछ भी गलत करने से इनकार कर दिया। कहा, अमेजन अवैध रूप से उसके खुदरा कारोबार पर नियंत्रण करना चाहता है। फ्यूचर रिटेल का कहना है कि रिलायंस के साथ सौदा नहीं होने पर उसे वित्तीय संकट का सामना करना पड़ता।