नेतृत्व अकेलापन महसूस कराता है और मैं इससे गुजर चुका हूं। यह बात रविवार को दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने कही। वे अंजना दत्त द्वारा लिखी गई किताब 'आई डिड व्हाट आई हैड टू डू' के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। यह किताब उद्योगपति मदन मोहनका की जीवन पर आधारित है। इस दौरान उन्होंने कहा कि कि नेतृत्व सही काम करने और उन सैकड़ों और हजारों लोगों का विश्वास बढ़ाने के बारे में भी है जो मार्गदर्शन के लिए आपकी ओर देखता है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शीर्ष पर नेतृत्व पूरी तरह से अकेला महसूस करता है और मैं इससे गुजर चुका हूं। मैने कल मदन को भी यह कहते हुए सुना कि ‘नेतृत्व बहुत अकेलापन महसूस करता है’। इसे मैं मदन और अब (उनके बेटे) मेहुल, दोनों में यह महसूस कर सकता हूं।
इंफोसिस के सह संस्थापक ने आगे कहा कि अच्छा नेतृत्व सही काम करने के बारे में भी है। यह सैकड़ों और हजारों लोगों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के बारे में है जो मार्गदर्शन के लिए आपकी ओर देखते हैं। ऐसे लोग जो इस चिंता में खोए हुए हैं कि मेरे बच्चों और उनकी शिक्षा का क्या होगा? मेरे माता-पिता के स्वास्थ्य का क्या होगा, मैं अगले महीने अपने घर का किराया कैसे चुकाऊंगा। ऐसे हजारों लोगों को विश्वास प्रदान करना एक नेता की जिम्मेदारी है।
मोहनका पर लिखी गई किताब के बारे में बात करते हुए नारायण मूर्ति ने आगे कहा कि यब पुस्तक संक्षेप में इस बारे में है कि एक आदमी ने वह कैसे किया जो उसे करना था। किताब के शीर्षक को उन्होंने उपयुक्त है, क्योंकि ज्यादातर लोग यह समझ नहीं पाते हैं कि जब आप एक निश्चित निर्णय लेते हैं तो क्यों लेते हैं। उन्होंने कहा कि यह किताब इस कहानी के बारे में है कि कैसे एक व्यक्ति ने हजारों लोगों को आत्मविश्वास देकर उनका नेतृत्व किया।
गौरतलब है कि उद्योगपति मदन मोहनका ने 1976 में टेगा इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना की थी। उन्होंने इसके अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य किया। इस समय उनके बेटे मेहुल कंपनी के प्रबंध निदेशक और ग्रुप सीईओ हैं।