प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक में 466.51 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में अवंता ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमोटर गौतम थापर को गिरफ्तार कर लिया है। यस बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी सहित कई एजेंसियों द्वारा उद्योगपति की जांच की जा रही है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत थापर की गिरफ्तारी हुई। आइए जानते हैं कौन हैं गौतम थापर-
कौन हैं गौतम थापर?
सात दिसंबर 1960 को जन्में गौतम थापर केमिकल इंजीनियर रहे हैं। गौतम थापर ने दून स्कूल से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने अमेरिका स्थित प्रैट इंस्टीट्यूट से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल ली। लेकिन अमेरिका में उन्हें कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल पाई। ऐसे में अमेरिकी वीजा एक्सपायर होने से पहले ही वे भारत लौट आए थे। 2008 में उन्हें मैन्युफैक्चरिंग के लिए 'अर्न्स्ट एंड यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर' अवार्ड मिला था।
कई कंपनियों में संभाल चुके हैं बड़ी जिम्मेदारी
थापर के पास BILT के रासायनिक प्रभाग को बदलने की जिम्मेदारी थी, जो प्रबंधन-श्रम संघर्षों और पानी और बिजली की कमी के कारण नुकसान झेल रहा था। गौतम ने कंपनी की विस्तार योजनाओं को रद्द करके, कुछ संपत्तियों को बेचकर और श्रमिकों की चिंताओं को हल करने की कोशिश करके, एक ही साल के भीतर मुनाफा दिखाया था। वे कई कंपनियों में बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। साल 2004 में उन्होंने बिजली उपकरण बनाने वाली कंपनी क्रॉम्पटन ग्रिव्स के चेयरमैन का पद संभाला था। इसके दो साल बाद यानी 2006 में गौतम थापर ने सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन समूह के चेयरमैन का पद संभाला। यह भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण से संबंधित उत्पादों के डिजाइन, निर्माण और विपणन का काम करती है।
बैंक घोटाले और भ्रष्टाचार को लेकर कई मामले दर्ज
29 अगस्त 2019 को उन्हें सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन ने चेयरमैन के पद से हटा दिया गया था। कंपनी में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता का पता चलने के बाद थापर पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया था। थापर के खिलाफ कथित बैंक घोटाले और भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई ने कई मामले दर्ज किए हैं।
क्या हैं आरोप
मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली और मुंबई में कई स्थानों पर तलाशी के बाद थापर को गिरफ्तार किया गया है। ईडी थापर की कंपनी अवंता रियल्टी, यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर और उनकी पत्नी के बीच कथित लेन-देन की जांच कर रही है।