पीएमओ से लगाई गुहार
तीन महीने से वेतन के लिए तरस रहे जेट एयरवेज के पायलटों ने अब नौकरी बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। पायलटों के संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) ने सोमवार को कहा कि कंपनी का संचालन बंद होता है तो 20 हजार नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। इस मुश्किल से उबारने के लिए प्रधानमंत्री को हाथ बढ़ाना चाहिए।
बेड़े में बचे सिर्फ सात विमान
कंपनी के प्रवक्ता गौरव साहनी ने बताया कि लीजधारकों को बकाया भुगतान नहीं देने के कारण एयरलाइन सिर्फ सात विमानों का ही संचालन कर पा रही है। ये सभी उड़ानें घरेलू रूट पर ही जारी हैं। नकदी की समस्या गहराने से अन्य उड़ानों पर गंभीर असर पड़ा है।
जल्द मिले 1500 करोड़ की सहायता
एनएजी के उपाध्यक्ष अदीम वालियानी ने जेट को पूंजी उपलब्ध कराने का वादा करने वाले स्टेट बैंक से अपील करते हुए कहा कि बकाया वेतन भुगतान के लिए जल्द 1,500 करोड़ की सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि बैंक ने जल्द यह राशि नहीं दी तो संचालन पूरी तरह बंद हो जाएगा और 1100 पायलटों के साथ 20 हजार नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। इससे पहले बकाया वेतन की मांग को लेकर पायलट, इंजीनियर और केबिन क्रू के सदस्यों ने कंपनी के मुख्यालय पर एकजुटता दिखाई।
दिसंबर में मिला था आखिरी वेतन
उनका कहना है कि दिसंबर 2018 में उन्हें आखिरी बार वेतन का भुगतान हुआ था। दूसरी ओर, कंपनी को जल्द 1500 करोड़ देने के लिए एसबीआई और प्रबंधन के बीच बैठक चल रही है, जिसके फैसले पर कंपनी का भविष्य निर्भर करता है।
आगे क्या: नीलामी के बाद ही दोबारा उड़ानें संभव होंगी
अब सब नीलामी पर है। बैंकों ने जेट के 75% शेयरों के लिए बोली मंगवाई है। शुरुआती बोली में 4 कंपनियों ने भाग लिया है। इन्हें 10 मई तक अंतिम बोली लगानी है। एसबीआई के अधिकारी ने बताया कि जेट का रिवाइवल इस पर निर्भर करेगा कि खरीदार कितना पैसा लगा रहे हैं। खरीदार के पास एयरलाइन चलाने का अनुभव भी होना चाहिए। एतिहाद या विस्तारा जैसी कंपनियां इसके लिए मुफीद हो सकती हैं।
10 मई से पहले नहीं निकलेगा हल
जेट एयरवेज ने बम्बई शेयर बाजार को सूचित करते हुए कहा है कि उसने बैंकों से आर्थिक मदद मांगी थी, लेकिन बैंकों ने कहा कि अभी हमें निविदाएं मिली हैं। नई कंपनी द्वारा जेट का टेकओवर लेने में कम से कम 10 मई तक का समय लगेगा। ऐसे में तब तक पैसों के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
यात्रियों से मांगी माफी
जेट एयरवेज ने अपने सभी यात्रियों से सेवाएं बंद होने पर माफी मांगी है और अभी तक सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया है। कंपनी सभी यात्रियों को एसएमएस या फिर ईमेल के जरिए सेवाएं अस्थाई तौर पर बंद होने की सूचना दे रही है। कंपनी ने कहा कि वो अपने कर्मचारियों के लिए भी कृतज्ञ है, जिन्होंने अभी तक मुश्किल समय में भी कंपनी का साथ दिया।