जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल
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मुंबई की एक विशेष अदालत से जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को करारा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने निजी चिकित्सक से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और जेल के अंदर घर का बना खाना मुहैया कराने की मांग की थी। हालांकि, विशेष न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए जेल के अंदर उचित बिस्तर मुहैया कराने की उनकी याचिका स्वीकार कर ली।
दरअसल, गोयल कैनरा बैंक में 538 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से संबंधित धनशोधन मामले में आर्थर रोड जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। विशेष न्यायाधीश ने उनकी दलीलों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जेल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) प्रतिदिन आरोपी की गहन जांच करेंगे। यदि कोई दिक्कत हुई तो तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
क्या है नरेश गोयल के खिलाफ पूरा मामला?
- गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक सितंबर को लंबी पूछताछ के बाद धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था। धनशोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी पर आधारित है।
- सीबीआई ने केनरा बैंक के साथ 538 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में ठप हो चुकी एयरलाइन जेट एयरवेज, गोयल, उनकी पत्नी और एयरलाइन के कुछ पूर्व अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
- केनरा बैंक की शिकायत पर यह प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। बैंक ने कहा है कि उसने जेट एयरवेज को 848. 86 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था जिसमें से 538.62 करोड़ रुपये बकाया है।