लॉकडाउन से जुड़े प्रतिबंधों में ढील के बाद संस्थान फिर से खुलने लगे, जिससे हाउसकीपर्स, केयरटेकर्स, कस्टोडियन आदि की मांग 60 फीसदी तक बढ़ गई। हालांकि, इस दौरान विमानन जैसे उद्योगों की भर्तियों में 25 फीसदी गिरावट भी रही।
महामारी शुरू होने के बाद पहली बार आर्थिक गतिविधियां और भर्तियां कोविड पूर्व स्तर पर पहुंची हैं। जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा और जॉब पोर्टल इनडीड इंडिया ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह दावा किया है।
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जॉब पोर्टल ने जुलाई, 2020 से जुलाई, 2021 के बीच किए सर्वे में बताया कि अब कंपनियों की हायरिंग फरवरी, 2020 के स्तर पर पहुंच गई है। इस अवधि में आईटी सॉफ्टवेयर की भर्तियां 19 फीसदी बढ़ी हैं। प्रोजेक्ट हेड व इंजीनियर जैसी आईटी जॉब में भी 8-16 फीसदी इजाफा हुआ है।
वहीं, नोमुरा का दावा है कि 29 अगस्त को समाप्त हफ्ते में कारोबारी सुधार का सूचकांक 102.7 पहुंच गया, जो मार्च 2020 के समान है। लॉकडाउन से जुड़े प्रतिबंधों में ढील के बाद संस्थान फिर से खुलने लगे, जिससे हाउसकीपर्स, केयरटेकर्स, कस्टोडियन आदि की मांग 60 फीसदी तक बढ़ गई। हालांकि, इस दौरान विमानन जैसे उद्योगों की भर्तियों में 25 फीसदी गिरावट भी रही।
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कैपजेमिनी और विप्रो फ्रेशर्स को देंगी नौकरी
विप्रो व कैपजेमिनी ने फ्रेशर्स को नौकरी देने की घोषणा की है। दोनों कंपनियों का कहना है कि ये नियुक्तियां विभिन्न भूमिकाओं के लिए होंगी। उम्मीदवारों को तीन लाख रुपये से लेकर 3.8 लाख रुपये का सालाना वेतन दिया जाएगा। कैपजेमिनी फ्रेशर्स के लिए भर्ती अभियान चला रही है। उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इंजीनियरिंग स्नातक व एमसीए डिग्रीधारक विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।