बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण इरडा ने बीमा क्षेत्र की कंपनियों से कहा कि मानसिक क्षमता एचआईवी एड्स जैसी बीमारियों के कवरेज से जुड़े नियमों को जनता के बीच स्पष्ट किया जाए। नियामक ने मंगलवार को कंपनियों को निर्देश दिए कि ऐसे बीमा कवरेज के छुपे नियमों को संबंधित वेबसाइट पर दिखाया जाए।
इरडा नए सर्कुलर जारी कर कहा सभी बीमा कंपनियों जीवन सामान्य और स्वास्थ्य को 1 अक्तूबर, 2020 तक मानसिक बीमारियां या एचआईवी-एड्स जैसी बीमारियों के कवरेज को लेकर अपनी स्थिति पारदर्शी बनानी होगी बीमाधारकों को यह जानने का अधिकार है कि किसी कवरेज पर कंपनी के नियमों की पूरी जानकारी क्या है। ताकि सभी स्थितियों और तथ्यों को समझने के बाद ही ग्राहक ऐसे उत्पादों का चुनाव कर सके।
वित्तीय लेनदेन के लिए बनेगा कोड
सभी बीमा कंपनियों को 31 जुलाई, 2020 तक कानूनी इकाई पहचानकर्ता (एलईआई) को भी अपनाना होगा। यह 20 शब्दों का खास पहचान कोड है जो वित्तीय लेनदेन में काम आता है। इसके जरिए वित्तीय डेटा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ जोखिम प्रबंधन को भी बेहतर किया जा सकेगा। इरडा ने कहा कि ऐसी कंपनियां जहां जिनका कॉरपोरेट कर्ज़ 50 करोड़ से ज्यादा है और अभी तक आई नहीं अपनाया है, तो 30 जून, 2020 तक इसे अपनाना जरूरी होगा।